Feb 23, 2013

बोलो क्या करूँ अब

सचमुच मैंने

दिल दिया ही नहीं था

दिलफेंक नहीं था...  

कोई जबरदस्ती

चुराकर भागा और

लापता हो गया ।  

बोलो क्या करूँ अब

इस बेदिली का
 
-अजय मलिक (c)

7 comments:

  1. बोलो अब क्या करूँ, अब क्या करूँ, अब क्या करूँ ? दिल तो दिल है एक बार जो गया सो गया | सुन्दर भाव | बधाई |

    Tamasha-E-Zindagi
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  2. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (24-02-2013) के चर्चा मंच-1165 पर भी होगी. सूचनार्थ

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  3. बहुत उम्दा पंक्तियाँ ..... वहा बहुत खूब

    मेरी नई रचना
    खुशबू
    प्रेमविरह

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  4. आप सब के स्नेह के लिए शुक्रिया।

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  5. सच कोई दिल चुरा लेता है और पता भी नहीं चलता

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  6. बढ़िया पंक्तियाँ ...

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