Aug 12, 2010

हिंदी में हिंदी की ई-लर्निंग

ई-लर्निंग में इलेक्ट्रॉनिक समर्थित शिक्षा, शिक्षण और अधिगम के ऐसे सभी व्यवस्थित प्रकार शामिल हैं, जिनका उद्देश्य सीखने वाले के व्यक्तिगत कौशलों, अनुभवों, व्यवहार और ज्ञान में नेटवर्क आधारित अथवा बिना नेटवर्क के सूचना प्रोद्यौगिकी, विशिष्ट मीडिया, संचार प्रणाली, इलेक्ट्रानिक उपकरणों के माध्यम से सुधार, परिवर्तन, विकास अथवा वृद्धि करना होता है।

ई-लर्निंग मूलत: कंप्यूटर और नेटवर्क पर आधारित शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया है। इसमें निर्धारित कौशलों का विकास इंटरनेट, इंट्रानेट, विभिन्न सॉफ्टवेयर्स, ऑडियो या वीडियो टेप, उपग्रह टीवी के माध्यम से अधिगम सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। इस सामाग्री में पाठ, परीक्षण, छवि, एनिमेशन, वीडियो, ऑडियो, अभ्यास की सुविधा आदि शामिल होती है। ई लर्निंग में कंप्यूटर आधारित प्रशिक्षण, इंटरनेट आधारित प्रशिक्षण या वेब आधारित प्रशिक्षण सभी कुछ शामिल है।

राजभाषा विभाग ने राजभाषा के रूप में हिंदी तथा एक भाषा के रूप में हिंदी के शिक्षण-अधिगम, प्रयोग तथा व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए ई-लर्निंग की उपयोगिता को काफी पहले महसूस कर लिया था। प्रारम्भ में प्रबोध, प्रवीण, प्राज्ञ पाठ्यक्रमों के विभिन्न भारतीय भाषाओं में आडिओ कैसेट्स तैयार कर वितरित किए गए। फिर जब कंप्यूटर सहज-सुलभ होने लगे तो लीला हिंदी सोफ्टवेयर्स का विकास सी-डेक के माध्यम से कराया गया। प्राम्भ में इंटरनेट की सुविधा आसानी से उपलब्ध नहीं थी इसलिए इन सोफ्टवेयर्स के सी डी वर्ज़न तैयार किए गए। इंटरनेट की उपलब्धता जैसे-जैसे सुलभ होती गई लीला सोफ्टवेयर्स के इंटरनेट वर्ज़न भी तैयार किए गए तथा राजभाषा विभाग की वेबसाइट पर निशुल्क उपलब्ध करा दिए गए।

हिंदीतर भाषा भाषियों की सुविधा तथा मातृभाषा के महत्व को ध्यान में रखते हुए लीला पाठ्यक्रमों द्वारा 14 भारतीय भाषाओं के माध्यम से इंटनेट पर हिंदी सीखने की सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जा चुकी है। इन पाठ्यक्रमों का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि सीखने वाला प्रत्येक पाठ की समाप्ति पर अपना मूल्यांकन स्वयं पाठ के अंत में दिए गए परीक्षण के द्वारा कर सकता है। ई-लर्निंग के क्रम में राजभाषा विभाग की नई उपलब्धि है - लीला पाठ्यक्रमों की ऑनलाइन परीक्षा का सफलता पूर्वक आयोजन ।

-अजय मलिक
-प्रतिभा मलिक

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