Jul 10, 2015

ऑनलाइन तिमाही प्रगति रिपोर्ट की भराई :: बलबीर सिंह भण्डारी

[पिछले कुछ वर्षों से हिन्दी के प्रगामी प्रयोग से संबंधित तिमाही प्रगति रिपोर्ट ऑनलाइन भरी एवं भेजी जा रही हैं। कई मित्रों की माँग रही है कि इस प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाने का प्रयास होना चाहिए। यहाँ इंडियन बैंक के सहायक प्रबंधक श्री बलबीर सिंह भण्डारी ऑनलाइन तिमाही प्रगति रिपोर्ट भरने की प्रक्रिया समझा रहे हैं। किसी भी दुविधा की स्थिति में उनसे सीधे संपर्क किया जा सकता है। ]
ऑनलाइन तिमाही प्रगति रिपोर्ट
Online QPR
राजभाषा विभाग की वेबसाइट rajbhasha.nic.in पर जाकर आप सूचना प्रबंधन प्रणाली पर क्लिक करें ।

Visit the website of Department of Official language and Click on the सूचना प्रबंधन प्रणाली on the rajbhasha.nic.in
 
 

तत्पश्चात आपको निम्नलिखित पृष्ठ प्रदर्शित किया जायेगा । नीचे New User का चयन करते हुए आगे बढ़ें ।

Thereafter the following page will be displayed to you. Proceed with the selection of “New user” option.
 

Jul 9, 2015

अब बोलकर हिंदी में लिखना हुआ बहुत आसान :: संजय कुमार शुक्ला

[एक फेसबुक मित्र संजय शुक्ला की एक पोस्ट साभार यहाँ दी जा रही है । आप भी इसे आजमा कर देखें ]

अब बोलकर हिंदी में लिखना हुआ बहुत आसान
इसकी प्रक्रिया
अब एंड्रायड स्मार्टफ़ोनों के जरिए निःशुल्क उपलब्ध गूगल हिंदी वाइस इनपुट उपकरण की सहायता से बोल कर हिंदी में लिखा जा सकता है और आमतौर पर सामान्य अखबारी लेखन 95 प्रतिशत से भी अधिक शुद्धता के साथ किया जा सकता है।  अपने एंड्रायड स्मार्टफ़ोन को आप डिक्टाफ़ोन की तरह उपयोग कर उसमें बोल कर अपने पीसी या लैपटॉप में सीधे लिख सकते हैं।  इसके लिए एक छोटा सा जुगाड़ करना होगा।  अपने एंड्रायड फ़ोन में गूगल डॉक्स इंस्टाल करें (प्ले स्टोर में जाकर Google docs सर्च करें)।  अपने कंप्यूटर या लैपटॉप पर गूगल डॉक्स या गूगल ड्राइव (हिंदी में गूगल डिस्क) में जाएं और वहाँ एक नया फ़ाइल बनाएं या किसी पुरानी फ़ाइल को संपादन के लिए खोलें।  उदाहरण के लिए, इस फ़ाइल का नाम देते हैं – ‘हिंदी बोलकर टाइप करना अब अपने एंड्रायड मोबाइल में गूगल डॉक्स ऐप्प जो आपने इंस्टाल किया है उसे खोलें।  फिर उस फ़ाइल को खोलें जिसे आपने अपने कंप्यूटर या लैपटॉप पर खोला हुआ है (उदाहरण – ‘हिंदी बोलकर टाइप करनानामक फ़ाइल, थोड़ा नेविगेशन करें तो यह फ़ाइल दिख जाएगा)।  अब आप अपने मोबाइल पर बोलकर इस फ़ाइल में लिखना चालू करें।  जैसे जैसे आप बोलकर लिखते जाएंगे, आप देखेंगे कि आपके कंप्यूटर या लैपटॉप के गूगल डॉक्स के स्क्रीन पर भी रीयल टाइम में यह टाइप होता जा रहा है, जिसे आप आसानी से अपने की-बोर्ड की सहायता से संपादित कर सकेंगे।  (एंड्रायड में गूगल डॉक्स में एक फ़ाइल में बोलकर लिखा जा रहा है।  आप देखेंगे कि एंड्रायड गूगल डॉक्स में भी हिंदी वर्तनी जांच की बढ़िया सुविधा उपलब्ध है) (कंप्यूटर पर गूगल डॉक्स की उसी फ़ाइल को खोला गया है जिसमें हम मोबाइल में बोलकर लिख रहे हैं, और जो रीयल टाइम में अपडेट हो रहा है यानी हम अपने स्मार्टफ़ोन में बोलकर लिख रहे हैं और यहाँ कंप्यूटर पर खुले दस्तावेज़ में यह अपने आप टाइप हो रहा है।  वस्तुतः यह दस्तावेज़ मोबाइल में ही टाइप हो रहा है, परंतु प्रतीत हो रहा है कि वह यहाँ टाइप हो रहा है। कंप्यूटर पर आप इस दस्तावेज़ को बाद में आसानी से संपादित कर सकते हैं।) ध्यान दें कि अच्छे परिणामों के लिए निम्न आवश्यकताएं परिपूर्ण करना आवश्यक है –
1 – आपका स्मार्टफ़ोन थोड़ा उन्नत किस्म का हो यानी ड्यूअल कोर हो और एंड्रायड संस्करण 41 से आगे का हो,

2 –
आपके नेट कनेक्शन की गति पर्याप्त तेज हो यानी ब्रॉडबैण्ड या 3 जी हो और अबाधित हो क्योंकि यह जुगाड़ और वर्तमान में गूगल द्वारा बोलकर हिंदी टाइपिंग ऑनलाइन ही संभव है,

3 –
स्पष्ट और थोड़े तेज आवाज में बोलने का थोड़ा सा अभ्यास आवश्यक है ताकि आपकी आवाज को मशीन पहचान सके।  ध्यान रखें कि सभी आवाज को मशीन पहचान नहीं सकता –‘मुलायमीआवाज को तो यह शायद ही पहचाने, अलबत्ता लालुईआवाज को यह जरूर अच्छे से पहचान लेगा ।

Jun 29, 2015

'पारंगत' के पाठ और अभ्यास की पाठ्य सामग्री :: शीघ्र

राजभाषा विभाग द्वारा एक नया पाठ्यक्रम "पारंगत" प्रारम्भ किया जा रहा है। यह पाठ्यक्रम काफी उच्च स्तर का है और इसे प्राज्ञ पाठ्यक्रम के विस्तार के रूप में भी जाना जा सकता है। पहले प्राज्ञ पाठ्यक्रम को "कार्यालयीन पद्धति" भी कहा जाता था। कार्यालयीन पद्धति को पढ़ने के बाद गुनने की प्रक्रिया पारंगत के जरिए परोसी जा रही है। यह एक बेहद सराहनीय प्रयास है मगर इसमें थोड़ी और स्पष्टता की मांग,  समय की जरूरत है। समस्या सरकारी है, बस इसे असरकारी बनाए जाने की आवश्यकता है। प्रबोध, प्रवीण और प्राज्ञ के पाठ्यक्रमों में अनेक त्रुटियाँ हैं जिनके संपादन और सुधार की आवश्यकता है। बहरहाल हिंदी सबके लिए का प्रयास रहेगा की पहले पारंगत के पाठों की जानकारी असरकारी रूप से पाठकों को दे और उसके बाद अभ्यास के लिए व्यावहारिक सामग्री उपलब्ध कराए। यदि संभव हुआ तो प्राज्ञ पाठ्यक्रम में जो त्रुटियाँ हैं वे चाहे वर्तनी, व्यवहार या वैधानिक हों उन्हें सुधार के साथ पाठ-दर-पाठ प्रकाशित किया जाएगा। 

कमेंट्स की स्वतन्त्रता का सवाल

जुलाई 2009 से शुरू हिन्दी सबके लिए का सिलसिला धीमी गति से ही सही मगर चलता रहा। शुरु में कई लोगों ने इसे बंद कराने का भरसक असफल प्रयास किया मगर ... ऐसा हो न सका। माननीय संसदीय राजभाषा समिति से दो बार सराहना पत्र प्राप्त हुए तो हिम्मत और बढ़ी। इस छोटे से चौखटे पर हिन्दी सीखने - सिखाने की उपयोगी सामग्री ही परोसने का प्रयास किया गया। पाठकों की प्रतिक्रिया पर किसी भी तरह की कोई बंदिश नहीं थी, मगर करीब छह माह पूर्व किसी अज्ञात खाली दिमाग शैतान का घर ने पहले कुछ विज्ञापनों के लिंक कमेंट्स बाक्स में डालने शुरू किए और उसके बाद कुछ अश्लील साइट्स को हिंदी सबके लिए के कमेंट्स बाक्स से लिंक करना शुरू कर दिया। परिणामत: कमेंट्स की स्वतन्त्रता बाधित करनी पड़ी। मुझे उम्मीद है कि जिसने भी यह सब किया वह शर्मिंदा होने वाला प्राणी तो हो ही नहीं सकता है।
आशा है कि गंभीर पाठक इस विवशता को अन्यत्र नहीं लेंगे।

-अजय मलिक 

Jun 14, 2015

अब 64 बिट के लिए भी :: टिबिल 4.1

निशुल्क फॉन्ट एवं लिपि परिवर्तक टिबिल TBIL 4.1 अब 64 बिट ऑपेरेटिंग  सिस्टम्स के लिए भी उपलब्ध है। यह विंडोज़ एक्सपी एसपी3 से लेकर विंडोज 8 एवं 8.1 में  भी काम करता है। 64 बिट वर्जन टिबिल 4.1 का आकार/साइज़ 8.46 एमबी है जबकि 32 बिट वर्जन टिबिल का आकार 5.94 एमबी है । इसे  www.bhashaindia.com के डाउनलोड भाग से

 
 
निशुल्क डाउन लोड किया जा सकता है । विस्तृत विवरण नीचे दिया जा रहा है-

TBIL (Transliteration Between Indian Languages) Data Converter is a Desktop Application, which enables the user to transliterate data of various File Types and Records of Database from any of ASCII/ISCII/UTF/Unicode/Phonetic Formats.
Application supports transliteration of all above stated Formats from one form to another form. It is basically designed to support Transliteration between Indian Languages. It facilitates user to select Source Language from 9 Indian Languages and Phonetic with multiple input font combinations which gets transformed into any of Target Language and Format.

Supported
Description
File Types
Word (.doc and .docx), Excel (.xls and .xlsx), Text (.txt)
Database
SQL Database and Access (.mdb and .accdb)
Languages
Hindi, Marathi, Gujarati, Tamil, Telugu, Kannada, Punjabi, Malayalam, Bengali and Phonetic
Formats
ASCII, UTF, Unicode, ISCII
Software Required
Description
Operating System
Windows XP SP3/ Windows Vista/ Windows 7/ Windows 8
MS Office
2003/ 2007/ 2010/ 2013 (Only required to convert MS Word and Excel Files)
Windows Installer 4.5
To download Click Here
.Net Framework 3.5 SP1
To download Click Here
TBIL Data Converter with more intuitive interface, enhanced capabilities & increased performance!
 • Compatible for Windows 8
 • Compatible for Microsoft Office 2010 and 2013 File Formats
 • Enhanced User Experience
 • TBIL Support Extended for 64-Bit version (Separate Build for 32-Bit and 64-Bit Available)

सौजन्य: www.bhashaindia.com

May 21, 2015

हिन्दी सीखने की एक और डगर

मित्रों
बहुत दिन हो गए,
कुछ किया नहीं
या यूं कहिए कि
कुछ हुआ नहीं

आज हिन्दी सीखने के
अपने पुराने रास्ते पर
चलते-चलते एक नई डगर मिली।
लिंक नीचे दिया है
आजमाने में क्या जाता है -

हिंदी सीखने की नई डगर  

Apr 24, 2015

छुट्टियों से जुड़े इस प्रश्न की वैधता और विश्वसनीयता कितनी है? चुने गए गए कितने उत्तर सही हैं?


"पारंगत" उन सबके लिए जो वास्तव में हिंदी में काम कर सकते हैं !

वर्ष 1973 में गठित हिंदी शिक्षण योजना पुनरीक्षण समिति ने हिंदी अधिकारियों , हिंदी अनुवादकों, हिंदी भाषियों, हिंदी जानने वालों और उन सबके लिए जो वास्तव में हिंदी में काम कर सकते हैं, एक महत्वपूर्ण सिफ़ारिश की थी। इस सिफ़ारिश के अनुसार एक ऐसे व्यावहारिक हिन्दी पाठ्यक्रम की शुरुआत की जानी थी जो वास्तव में सरकारी कार्यालयों में हिन्दी में काम कर सकने वालों के लिए हो। इस पाठ्यक्रम में हिंदी का ज्ञान रखने वाले सभी सरकारी कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जाना था बेशक उन्होंने हिन्दी विषय में स्नातक अथवा स्नातकोत्तर उपाधि ही क्यों न प्राप्त की हो। वर्तमान प्राज्ञ पाठ्यक्रम का निर्माण वस्तुत: उसी सिफ़ारिश पर आधारित था मगर...
अब राजभाषा विभाग ने एक सकारात्मक पहल की है। एक नया पाठ्यक्रम "पारंगत" सबके लिए बनाया गया है। पाठ्य सामग्री की सही जानकारी तो नहीं है मगर आशा है कि यह पाठ्यक्रम त्रुटिमुक्त और व्यावहारिक होगा।