Apr 24, 2015

छुट्टियों से जुड़े इस प्रश्न की वैधता और विश्वसनीयता कितनी है? चुने गए गए कितने उत्तर सही हैं?


"पारंगत" उन सबके लिए जो वास्तव में हिंदी में काम कर सकते हैं !

वर्ष 1973 में गठित हिंदी शिक्षण योजना पुनरीक्षण समिति ने हिंदी अधिकारियों , हिंदी अनुवादकों, हिंदी भाषियों, हिंदी जानने वालों और उन सबके लिए जो वास्तव में हिंदी में काम कर सकते हैं, एक महत्वपूर्ण सिफ़ारिश की थी। इस सिफ़ारिश के अनुसार एक ऐसे व्यावहारिक हिन्दी पाठ्यक्रम की शुरुआत की जानी थी जो वास्तव में सरकारी कार्यालयों में हिन्दी में काम कर सकने वालों के लिए हो। इस पाठ्यक्रम में हिंदी का ज्ञान रखने वाले सभी सरकारी कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जाना था बेशक उन्होंने हिन्दी विषय में स्नातक अथवा स्नातकोत्तर उपाधि ही क्यों न प्राप्त की हो। वर्तमान प्राज्ञ पाठ्यक्रम का निर्माण वस्तुत: उसी सिफ़ारिश पर आधारित था मगर...
अब राजभाषा विभाग ने एक सकारात्मक पहल की है। एक नया पाठ्यक्रम "पारंगत" सबके लिए बनाया गया है। पाठ्य सामग्री की सही जानकारी तो नहीं है मगर आशा है कि यह पाठ्यक्रम त्रुटिमुक्त और व्यावहारिक होगा।

 

Feb 19, 2015

राजभाषा विभाग वार्षिक कार्यक्रम 2015-16 जारी :: कैलेंडर वर्ष 2015 में हिंदी शिक्षण योजना समाप्त करना प्रस्तावित

राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष 2015-16 में सरकारी कार्यालयों में राजभाषा हिन्दी में कामकाज के लक्ष्य निर्धारित करने से संबंधित वार्षिक कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।

आमतौर पर यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष 31 मार्च के आसपास जारी किया जाता है मगर इस वर्ष यह फरवरी में ही जारी कर दिया गया है। यह एक बड़ी उपलब्धि है। माननीय गृह राज्य मंत्री जी द्वारा हस्ताक्षरित यह कार्यक्रम कई मायनों में महत्वपूर्ण है। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया गया है। कुछ महत्वपूर्ण बिंदू निम्नलिखित हैं-

संपूर्ण कार्यक्रम राजभाषा विभाग की वेबसाइट rajbhasha.gov.in से डाउन लोड किया जा सकता है। डाउन लोड लिंक नीचे दिया जा रहा है -

राजभाषा विभाग का वर्ष 2015-16 का वार्षिक कार्यक्रम  


(सौजन्य राजभाषा विभाग )

Feb 4, 2015

लीला प्रबोध ऑनलाइन परीक्षा के लिखित भाग की परीक्षा के 3 नमूना प्रश्न-पत्र

नमूना प्रश्न-पत्र -1
 
1.     सुंदर लिखावट में लिखिए
ताइवान की राजधानी ताइपे में बुधवार सुबह ट्रांस एशिया का एक यात्री विमान क्रैश हो गया है। इस घटना में 9 लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि दर्जनों लोग लापता हैं। विमान में कुल 58 लोग सवार थे। राहत और बचाव कार्य जारी है। 48 लोगों की तलाश जारी है। जानकारी के मुताबिक, यात्री विमान चीन से चला था और उसमें सवार 53 यात्रियों में से 31 टूरिस्ट थे। यात्रियों में 2 बच्चे भी शामिल थे। बुधवार सुबह विमान अचानक ताइपे नदी में गिर गया। इस हादसे में 9 लोगों के मौत की पुष्टि‍ हुई है। जबकि दर्जनों लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं।
2.     निम्नलिखित पैरा के आधार पर प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
अच्छे ग्लोबल संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजारों में बढ़त देखने को मिल रही है। सेंसेक्स और निफ्टी ०.२५ फीसदी की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे हैं। मिडवैâप और स्मॉलवैâप शेयरों में अच्छी खरीदारी का रुझान है। ऑयल एंड गैस, मेटल, एफएमसीजी और फार्मा शेयरों में आई खरीदारी से बाजार को सहारा मिला है। बीएसई का ऑयल एंड गैस इंडेक्स १ फीसदी चढ़ गया है। हालांकि बैंकिं, रियल्टी, ऑटो और आईटी शेयरों में थोड़ा दबाव नजर आ रहा है। फिलहाल बीएसई का ३० शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स ४९ अंक की बढ़त के साथ २९०४९ के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
क.     किसकी खरीदारी से बाजार को सहारा मिला है?
ख.     बीएसई का कितने शेयरों वाला इंडेक्स है?
ग.      कौन-कौन कितने फीसदी की मजबूती के साथ क्या कर रहे हैं?
घ.      कौन से शेयरों में दबाव नजर आ रहा है?
ङ.      भारतीय शेयर बाजारों में बढ़त देखने को क्यों मिल रही है? 
3.     निम्नलिखित में से किसी एक पाठ का सारांश 10 हिंदी वाक्यों में लिखिए
क.   त्योहार ;   ख. बिहू पर्व    ग. क्रिकेट मैच
4.     निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर 10 वाक्य हिंदी में लिखिए
क.   तमिलनाडु    ख. हमारा देश    ग. हिंदी
5.     निम्नलिखित में से किन्हीं 5 अंग्रेज़ी शब्दों को देवनागरी लिपि में लिखिए
State, Organization, Train, Imagine, Union, President, Minister, Flight 
 
नमूना प्रश्न-पत्र -2
1.     सुंदर लिखावट में लिखिए
इंटरैक्टिव मीडिया के इस युग में उन माता-पिता को सावधान हो जाने की आवश्यकता है जो अपने बच्चों का ध्यान भटकाने के लिए या उन्हें शांत करने के लिए टैबलेट, स्मार्टफोन या ई-बुक का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि ऐसा करना उनके बच्चों के सामाजिक-भावनात्मक विकास के लिए हानिकारक हो सकता है। अनुसंधानकर्ताओं ने कई प्रकार के इंटरेक्टिव मीडिया की समीक्षा की और शैक्षणिक उपकरणों के तौर पर उनके इस्तेमाल और विकास पर उनकी संभावित नकारात्मक भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए है। अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि मोबाईल उपकरण का इस्तेमाल बच्चों को शैक्षणिक लाभ दे सकता है लेकिन यदि उन्हें शांत करने के लिए इनका मुख्य रूप से इस्तेमाल किया जाए तो यह बच्चों के सामाजिक-भावनात्मक विकास के लिए नुकसानदेह हो सकता है। 
2.     निम्नलिखित पैरा के आधार पर प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
संयुक्त राष्ट्र की एक पोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के पांचवें सर्वाधिक लोकप्रिय व्यक्ति बन गये हैं. वहीं, लोकप्रियता में शीर्ष पर माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स हैं. सबसे लोकप्रिय महिलाओं की सूची में हॉलीवुड एक्ट्रेस एंजेलिना जॉली पहले स्थान पर हैं. लोकप्रिय महिलाओं की सूची में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम भी है. उन्हें सूची में 13वां स्थान मिला है. एंजलिना जॉली ने लोकप्रियता में नोबेल विजेता मलाला यूसुफजई, महारानी एलिजाबेथ द्वितीय समेत कई दिग्गज हस्तियों को पीछे छोड़ दिया है. पुरुषों की सूची में बिल गेट्स के बाद सर्वाधिक लोकप्रिय शख्स अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा हैं, जबकि तीसरे स्थान पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं. चौथे नंबर पर सर्वाधिक लोकप्रिय पुरुष शख्स हॉलीवुड एक्टर जैकी चेन हैं. जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पांचवां स्थान है.
क.     लोकप्रिय महिलाओं की सूची में कांग्रेस के किस नेता का नाम भी है?
ख.     पुरुषों की सूची में बिल गेट्स के बाद सर्वाधिक लोकप्रिय शख्स कौन हैं?
ग.      एंजलिना जॉली ने लोकप्रियता में किन दिग्गज हस्तियों को पीछे छोड़ दिया है?
घ.      सबसे लोकप्रिय महिलाओं की सूची में कौन पहले स्थान पर हैं?
ङ.      दुनिया के पांचवें सर्वाधिक लोकप्रिय व्यक्ति कौन बन गये हैं?
 
3.     निम्नलिखित में से किसी एक पाठ का सारांश 10 हिंदी वाक्यों में लिखिए
क.   मुंबई की बारिश ;   ख. पर्यावरण    ग. आतिथ्य
4.     निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर 10 वाक्य हिंदी में लिखिए
क.   मेरा परिवार   ख. मेरा कार्यालय     ग. तमिल
5.     निम्नलिखित में से किन्हीं 7 अंग्रेज़ी शब्दों को देवनागरी लिपि में लिखिए
Smart, Interactive, Phone, Practical, Tablet, Justice, Media, Hollywood, E-book, Gates, Actress, Microsoft  
 
नमूना प्रश्न-पत्र -3
 
1.     सुंदर लिखावट में लिखिए –
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चीन को भरोसा दिलाया है कि उसे भारत और अमेरिका के अच्छे संबंधों से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है, लेकिन साथ ही चीन को चेतावनी भी दी कि वह समुद्री मामलों पर वियतनाम या फिलीपींस जैसे छोटे देशों को न डराए। उन्होंने राष्ट्रपति के तौर पर भारत की अपनी दूसरी अभूतपूर्व यात्रा को लेकर चीन की प्रतिक्रिया पर पहली बार टिप्पणी करते हुए कहा, मैंने जब सुना कि चीन सरकार ने इस प्रकार के बयान दिए हैं, तो मुझे हैरानी हुई... भारत के साथ हमारे अच्छे संबंधों के कारण चीन को डरने की कोई जरूरत नहीं है। 
2.     निम्नलिखित पैरा के आधार पर प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
60वें फिल्म फेयर अवार्ड में अभिनेत्री कंगना रानावत की 'क्वीन' छाई रही। इस फिल्म को बेस्ट फिल्म के पुरस्कार से नवाजा गया। कंगना रानावत को बेस्ट एक्ट्रेस और विकास बहल को बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला। 60वें फिल्म फेयर अवॉर्ड में दूसरे नंबर पर रही निर्देशक विशाल भरद्वाज की फिल्म 'हैदर। शेक्सपियर के नॉवेल पर आधारित इस फिल्म ने पांच अवॉर्ड जीते। हैदर फिल्म के अभिनेता शाहिद कपूर ने बेस्ट एक्टर का पुरस्कार जीता। 'हैदर' के लिए केके मेनन को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर मेल और तब्बू को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस फीमेल का अवॉर्ड मिला।
क.     'क्वीन' फिल्म को किस पुरस्कार से नवाजा गया?
ख.     60वें फिल्म फेयर अवॉर्ड में कौन सी फिल्म दूसरे नंबर पर रही?
ग.      60वें फिल्म फेयर अवार्ड में किस अभिनेत्री की 'क्वीन' छाई रही?
घ.      रानावत को कौन सा और विकास बहल को कौन सा अवॉर्ड मिला?
ङ.      किस अभिनेता ने बेस्ट एक्टर का पुरस्कार जीता ?
3.     निम्नलिखित में से किसी एक पाठ का सारांश 10 हिंदी वाक्यों में लिखिए –
क.     पाँच प्रश्न 
ख.     भारत देश
ग.      जयपुर की सैर
4.     निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर 10 वाक्य हिंदी में लिखिए –
क.     त्योहार
ख.     मेरा शहर
ग.      क्रिकेट
5.     निम्नलिखित में से किन्हीं 7 अंग्रेज़ी शब्दों को देवनागरी लिपि में लिखिए –
Permission, Duty, File, Increment, Advance, Union, Studio, Picnic, Register, Staff, Recover, College  


Jan 25, 2015

एक बड़ी और परिपक्व फिल्म है "बेबी" :: फिल्म समीक्षकों की समीक्षा की समीक्षा

रोज ही हम बेहद सनसनीखेज, गजब की मिर्च-मसालेदार, सच्चाई के नाम पर सच्चाई की कब्र खोदकर झूठ का परचम लहराती खबरें अधिकांशत: मज़बूरी में देखते हैं। सुबह से शाम तक सैकड़ों चैनल्स पर एक ही दृश्य की कतरन की अविराम बमबारी करती खबरें कब जिज्ञासा शांत करने की बजाय तनाव का कारण बन जाती हैं और बिना बात रातों की नींद हराम कर देती हैं पता तक नहीं चलता। पिछले डेढ़-दो महीने से अपना घर बिना चैनल वाले टीवी का बना हुआ है और यकीन मानिए काफी हद तक मानसिक शांति है। समाचार अभी इंटरनेट और अख़बार के जरिए पढ़े जा रहे हैं। मन चाहता है कि इन सब को भी कुछ दिन के लिए बंद किया जाना चाहिए। एक साधारण नागरिक को इतनी सारी खबरों की क्या आवश्यकता है? आज ओबामा दिल्ली में उतरेंगे, इससे चेन्नै अथवा कोलकाता के सामान्य व्यक्ति पर क्या फर्क पड़ने वाला है ? दिल्ली में ट्रैफिक बंदोबस्त के कारण दिल्ली के निवासियों को अपने रास्ते बदलने पड़ेंगे इसलिए उन्हें फर्क पड़ सकता है। इन सब खबरों का आँखों देखा हाल सुनने से एक आम आदमी को क्या हासिल होगा? याद कीजिए मुंबई में हुए आतंकी हमले के समय सबसे ज्यादा हानि इन्हीं टीवी चैनल्स की आँखों देखी खबरों के जीवंत प्रसारण से हुई थी। मेरा मानना है कि देश हित में किसी भी चटखारे भरी खबर के जीवंत प्रसारण पर कम से कम तीन-चार घंटे तक न दिखाए जाने की पाबंदी लगाई जाए। सरकार स्वयं वीडियो फुटेज बनाकर जारी करे।
आप सोच रहे होंगे कि सुबह-सुबह इस सदाबहार गंजे को हो क्या गया है? वास्तव में बात एक समाचार पत्र में फिल्म "बेबी" की बेतुकी समीक्षा से उपजी खीज से जुड़ी है। मेरी राय में हर फिल्म समीक्षक की समीक्षा की समीक्षा जरूर होनी चाहिए। 
मैं फिल्म पत्रकारिता सा जुड़ा रहा हूँ और ये अच्छी तरह जानता हूँ कि मैंने अधिकांश समीक्षाएं ऐसे समय लिखीं थी जब मुझे फिल्मों की कोई समझ नहीं थी। जब फिल्मों को समझने की कोशिश हुई तो सबसे ज्यादा गुस्सा अपने आप पर आया। अपनी नासमझी पर हँसना और भी त्रासद भरा साबित हुआ। मुझे याद है जब मैंने जाने-माने फ़िल्मकार गुलजार साहब का साक्षात्कार किया था तो मेरे सारे प्रश्न बेहद बचकाने किस्म के थे। आज 22 साल बाद मुझे यह अहसास होता है कि उस समय, यह सोचने की बजाय कि मैं एक महान फ़िल्मकार से मिलने का सौभाग्य पा रहा हूँ और मुझे उनसे कुछ सीखने की जरूरत है, मैंने अपने प्रकृति प्रदत्त गंजेपन की ठसक में एक फिल्म पत्रकार (?) होने के दंभ में सिर्फ बेतुके प्रश्न किए थे। यह और बात है कि वह साक्षात्कार जनसत्ता के चारों संस्करणों में छपा था और काफी सराहा गया था।
फिल्म एवं टीवी संस्थान, पुणे में संयोग से मुझे भी फिल्म रसास्वादन पाठ्यक्रम करने का सौभाग्य मिला। सेल्यूलाइड मैन श्री पीके नायर, जिन्हें फिल्मों के चलते-फिरते विश्वकोश की संज्ञा दी जाती है, उपर्युक्त पाठ्यक्रम के दौरान हमारे गुरुजनों में शामिल थे। पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद जो एक बात सबसे अच्छी तरह समझ में आई वह सिर्फ इतनी थी कि फिल्मों के बारे में मेरा ज्ञान न सिर्फ अधूरा था बल्कि उसे अधूरेपन की पराकाष्ठा कहा जा सकता था। तब से लगातार फिल्मों के बारे में सीखने का दौर जारी है। फिल्म देखने के बाद फिल्म के बारे में कुछ भी कहने से पहले बहुत झिझक होती है क्योंकि फिल्म निर्माता ने फिल्म क्यों और क्या सोचकर बनाई है यह समझना बेहद कठिन काम है। कोई भी महान फिल्मकार अपनी फिल्म का पहला और सबसे बड़ा समीक्षक होता है। उसे फिल्म को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए कितने समझौते करने पड़ते हैं? दर्शकों से पहले फिल्म समीक्षक उसकी फिल्म की छीछालेदार करते हैं और अपनी पराबौद्धिकता की छाप ऐसी छोड़ते हैं कि फ़िल्मकार उनकी धूल मिट्टी की गर्त में खो जाता है। इन समीक्षकों की समीक्षा की सुव्यवस्थित समीक्षा का भी कुछ प्रबंध होना चाहिए।

आज की यह बात अक्षय कुमार अभिनीत निर्देशक नीरज पांडे की ताज़ा प्रदर्शित फिल्म “बेबी” की समीक्षा पढ़कर हुई खीज से शुरू हुई। समीक्षक के अनुसार अगर मुंबई में किसी सुनसान सड़क पर भी दिन-दहाड़े गोली-बारी होती है तो कम से कम एक कुत्ता, कोई गाय या बैल, कोई साइकिल चालक, कोई कार या पैदल चलने वाला और नहीं तो कम से कम एक कबूतर तो जरूर मरना ही चाहिए, मगर फिल्म में ऐसा नहीं होता है।

फिल्म समीक्षक को इस बात पर भी एतराज़ है कि अक्षय कुमार की पत्नी और परिवार को भी इसकी जानकारी क्यों नहीं है कि वह एक खुफिया इकाई का सदस्य है? मतलब यह कि खुफिया एजेंट को ढ़ोल पीट-पीटकर सीआईडी सीरियल के पात्रों की तरह सबको बताना चाहिए कि वह अंडरकवर अजेंट है! फिल्म समीक्षक को इस बात पर भी घोर आपत्ति है कि एक सिपाही अपनी ड्यूटी पूरी करने के लिए कुछ भी कैसे कर सकता है? मेरी राय में फिल्म समीक्षक को “आदेश के पालन” के अभिप्राय का अहसास कराने के लिए कुछ दिन सेना में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाना चाहिए। तब ही उसे समझ आएगा कि सिपाही का काम आदेशों का पालन करना है, उनकी समीक्षा करना नहीं।

यद्यपि फिल्म समीक्षक ने चार बड़े कॉलम में समीक्षा लिखी है किन्तु सिर्फ 50 प्रतिशत अंक दिए हैं, एक जगह तो फिल्म को बोर तक कह दिया है। यदि यह एक औसत फिल्म है तो अख़बार में इतनी जगह नष्ट करने की क्या औचित्य है ? क्या समीक्षक को फ़िल्मकार के नजरिए के विरुद्ध ही फिल्म देखनी चाहिए? फिल्म में खुफिया इकाई का प्रमुख फिरोज अली खान है, दक्षिणी अलबेरा में खुफिया इकाई की मदद करने वाला अशफाक़ है मगर समीक्षक के अनुसार सभी आतंकवादियों को एक विशेष समुदाय से संबन्धित नहीं दिखाया जाना चाहिए... शायद समीक्षक जी के अनुसार ऐसा करना फिल्म विधा के खिलाफ है!

मैंने भी यह फिल्म देखी है। बेहद कसी-बंधी फिल्म है। सरकारी कामकाज की एक बानगी मंत्री जी के निजी सचिव का किरदार है। जिसके पास सबके लिए एक ही उत्तर है- आज तो मंत्री जी बेहद व्यस्त हैं, डायरी में लिख लिया है जल्दी ही मिलने का समय दिलवाता हूँ। एक दर्शक के मनोरंजन के लिए क्या इतना काफी नहीं है कि 160 मिनट तक फिल्म आपको बेबी के सिवाय कुछ और सोचने का बिलकुल भी मौका नहीं देती। बेहद रोमांचकारी फिल्म “बेबी” दर्शकों को शुरू से आखिर तक बांधे रखती है।

अक्षय कुमार ने अजय सिंह राजपूत नाम के एक अंडरकवर एजंट की भूमिका निभाई है। फिरोज अली खान (डैनी डेंग्जोप्पा), ओम प्रकाश शुक्ला (अनुपम खेर), महिला एजंट प्रिया (तापसी पन्नू) , जय सिंह राठौड़ (राना दग्गूबाती), अजय अपनी पत्नी (मधुरिमा तुली), बिलाल (केके मेनन), आटकवादी/ अलगाववादी सरगना (राशिद राज)... सभी कलाकारों का अभिनय लाजवाब है...
ये फिल्म जरूर देखें और सिनेमा हाल में जाकर देखें ....


अजय मलिक (c)

Jan 17, 2015

चार दिन की जिंदगी को पाँच दिन की बनाकर हिन्दी भाषा और हिन्दी टाइपिंग सीख डालिए


30 दिन में तमिल सीखिए

30 दिन में मलयालम सीखिए

30 दिन में हिन्दी सीखिए

ये किताबें धड़ल्ले से बिकती हैं और आपने भी अवश्य देखी होंगी। आप कहेंगे कि जिंदगी तो बस 4 दिन की है फिर ये 30 दिन किस के पास हैं! कोई बात नहीं 4 दिन की जिंदगी को किसी तरह बस 1 दिन बढ़ाने का बंदोबस्त कर डालिए और फिर देखिए जादू... जी हाँ, सिर्फ 5 दिन में हिन्दी भाषा सीखिए और अगर 5 दिन और मिल जाएँ तो हिन्दी टाइपिंग सीख डालिए। केंद्रीय हिन्दी प्रशिक्षण संस्थान की बेवसाइट पर इस संबंध में विस्तृत आदेश उपलब्ध हैं। हिन्दी भाषा सिखाने वालों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षक के निष्पादन में जोड़े जाने के संबंध में कोई उल्लेख नहीं है मगर हिन्दी टाइपिंग सिखाने वालों के निष्पादन में इन पाँच दिनों की उपलब्धियों को जोड़ा जाएगा। केंद्रीय हिन्दी प्रशिक्षण संस्थान की बेवसाइट के संबन्धित पृष्ठ का लिंक नीचे दिया जा रहा है -



(सौजन्य:  केंद्रीय हिन्दी प्रशिक्षण संस्थान की बेवसाइट )

हिन्दी भाषा का प्रशिक्षण पूरा करने पर मिलने वाले पुरस्कार

अक्सर कई मित्र पूछते हैं कि हिन्दी भाषा का प्रशिक्षण पूरा करने पर मिलने वाले पुरस्कारों से संबन्धित आदेशों की प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ। केंद्रीय हिन्दी प्रशिक्षण संस्थान के वेब पृष्ठ पर इस संबंध में विस्तृत जानकारी तथा संबन्धित आदेशों के हाइपर लिंक्स दिए गए हैं। यहाँ केंद्रीय हिन्दी प्रशिक्षण संस्थान के संबन्धित पृष्ठ का लिंक दिया जा रहा है-

पुरस्कार योजनाएँ

Dec 24, 2014

हिन्दी सीखने के लिए कुछ और नए-पुराने लिंक्स

मित्रों,
हिन्दी सीखने के लिए कुछ और नए-पुराने लिंक्स नीचे दिए जा रहे हैं-