भारत सरकार
राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय
हिन्दी शिक्षण योजना (परीक्षा स्कंध)
परीक्षार्थी का अनुक्रमांक (अंकों में) .....................
(शब्दों में) .....................
परीक्षा की तारीख ....................... 2000 प्राप्तांक .........................
परीक्षक के हस्ताक्षर .........
प्राज्ञ परीक्षा - मई 2000
प्रश्न पत्र - प्रथम
समय : 3 घंटे पूर्णांक : 100
नोट :- कृपया सभी प्रश्नों के उत्तर उनके नीचे दिए गए खाली स्थानों पर लिखें ।
1. आपके कार्यालय के कुछ कर्मचारी बीमारी का कारण बताकर छुट्टी के लिए आवेदन करते हैं और उनमें से कुछ गैर सरकारी डाक्टरों के प्रमाण पत्र भी संलग्न करते हैं, जबकि उनका निवास स्थान केन्द्रीय स्वास्थ्य योजना के अन्तर्गत आता है । भविष्य में केन्द्र सरकार स्वास्थ्य योजना के डाक्टरों का प्रमाण पत्र संलग्न करने का अनुदेश देते हुए एक परिपत्र का मसौदा तैयार कीजिए । (15 अंक)
2. योजना आयोग ने वित्त मंत्रालय से किसी परियोजना पर चालू वित्तीय वर्ष में तीस लाख रुपए की राशि की अतिरिक्त मांग की थी जिसे वित्त मंत्रालय ने सिद्धांत रूप में मान लिया था परन्तु उसकी औपचारिक स्वीकृति अभी नहीं मिली है । स्वीकृति तुरन्त भेजने के लिए आयोग की तरफ से एक पत्र का मसौदा तैयार कीजिए । (अंक 15)
3. आपके अनुभाग में दो सहायक लम्बी छुट्टी पर हैं । इस वजह से अनुभाग में काफी काम जमा हो गया है । इस काम को शीघ्र निपटाने के लिए अपने शाखा अधकिारी को एक स्वत: पूर्ण टिप्पणी लिखिए जिसमें अतिरिक्त स्टाफ देने के बारे में भी उल्लेख हो । (10 अंक)
4. अपनी पाठ्य-पुस्तक के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में दीजिए :
(20 अंक)
(1) डायरी लिपिक क्या काम करता है ?
(2) किस प्रकार के पत्रों को बिना खोले अधकिारी के पास भेज दिया जाता है ?
(3) अधीनस्थ कार्यालय किस रूप में कार्य करते हैं ?
(4) लेखापरीक्षा रिपोर्ट की अंतिम जांच कौन करता है ?
(5) समयोपरि भत्ते के बजाय कौन सी छुट्टी दी जाती है ?
(6) र्अध-सरकारी पत्र की भाषा कैसी होनी चाहिए ?
(7) संकल्प कहां प्रकाशित किया जाता है ?
(8) टिप्पणी कैसी होनी चाहिए ?
(9) तार का प्रयोग कब किया जाता है ?
(10) श्री नवांग सेमा किस पद के लिए चुने गए थे ?
5. निम्नलिखित वाक्यों में अंग्रेजी शब्दों के बदले हिन्दी शब्दों का प्रयोग करते हुए पूरे वाक्य
लिखिए : (अंक 10)
(1) हमारे सेक्शन में तीन असिस्टैंट हैं ।
(2) सरकारी कोरेस्पान्डेंस में नोट का विशेष महत्व है ।
(3) रजिस्टर में पेंडिंग आवतियों का वीकली स्टेटमेंट होता है ।
(4) इस ड्राफ्ट को डिप्टी डायरेक्टर से अप्रूव कराना है ।
(5) नोटिफिकेशन गवर्नमेंट आफ इंडिया प्रेस में पब्लिश किया जाता है ।
6. निम्नलिखित शब्दों / पदबंधों को कार्यालयीन वाक्यों में प्रयोग कीजिए : (10 अंक)
(1) प्राथमिकता
(2) विचाराधीन
(3) गोपनीय
(4) अनापत्ति प्रमाण पत्र
(5) लेखा परीक्षा
(6) विभागीय पदोन्नति समिति
(7) परिपत्र
(8) कार्रवाई
(9) अंतरिम आदेश
(10) यात्रा भत्ता
7. निम्नलिखित वाक्यों को पूरा कीजिए : (10 अंक)
(1) जो कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं ----------
(2) अगर दफ्तर पहुंचने में देर ----------
(3) यदि कुछ लोगों के खिलाफ अनुशासनिक ----------
(4) इस परिपत्र से कर्मचारियों में निष्ठा और ईमानदारी की भावना ----------
(5) हमें अपने देश के हित के लिए पूरी निष्ठा से काम में ----------
8. निम्नलिखित के जोड़े बनाइए : ( 5 अंक )
1. लोकतंत्रीय सचिव
2. शाखा समिति
3. संयुक्त कर्मचारी
4. चतुर्थ श्रेणी अधकिारी
5. लोक लेखा गण राज्य
Oct 26, 2009
प्राज्ञ परीक्षा प्रथम प्रश्न पत्र, मई 2000
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हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/26/2009 10:58:00 AM
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प्राज्ञ परीक्षा प्रश्न पत्र द्वितीय, नवम्बर 1999
भारत सरकार
राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय
हिन्दी शिक्षण योजना (परीक्षा स्कंध)
परीक्षार्थी का अनुक्रमांक (अंकों में) .....................
(शब्दों में) .....................
परीक्षा की तारीख ....................... 1999 प्राप्तांक .........................
परीक्षक के हस्ताक्षर .........
प्राज्ञ परीक्षा - नवम्बर 1999
प्रश्न-पत्र - द्वितीय
समय : 3 घंटे पूर्णांक : 100
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नोट :- कृपया सभी प्रश्नों के उत्तर उनके नीचे दिए गए खाली स्थानों पर लिखें ।
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1. निम्नलिखित अंग्रेजी शब्दों / पदबंधों के हिन्दी पर्याय दीजिए और उन हिन्दी शब्दों को कार्यालयीन हिन्दी वाक्यों में प्रयोग कीजिए :- (15 अंक)
1. Temporary Pass :
2. Reconsideration :
3. Renewal :
4. Housing Scheme :
5. Bilingual :
6. Financial Sanction :
7. Interview :
8. Emoluments :
9. Festival advance :
10. Justification :
2. नीचे लिखे गए हिन्दी शब्दों / पदबंधों के अंग्रेजी पर्याय लिखिए और दिए गए मूल हिन्दी शब्दों / पदबंधों का हिन्दी वाक्यों में प्रयोग कीजिए :- (15 अंक)
1. प्रतिनियुक्ति :
2. अनुवर्ती कार्रवाई :
3. रखरखाव :
4. समायोजन :
5. सक्षम अधकिारी :
6. सवारी भत्ता :
7. प्रतीक्षा सूची :
8. प्रतिपूति :
9. जांच-पड़ताल :
10. पात्रता :
3. हिन्दी में अनुवाद कीजिए :- (अंक 10)
1. Facts of the case may kindly be put up.
2. Despite reminders, there has been delay in submission of statement.
3. No decision has so far been taken in the matter.
4. Administrative approval may be obtained.
5. All ministries and departments to note and comply.
4. अंग्रेजी में अनुवाद कीजिए :- (10 अंक)
1. देर के लिए खेद है ।
2. इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए ।
3. इस मामले में इस समय कोई आश्वासन नहीं दिया जा सकता ।
4. प्रशासनिक अनुमोदन प्राप्त कर लिया जाए ।
5. नई नियुक्ति के लिए प्रस्ताव का औचित्य शीघ्र भेजें ।
5. उदाहरण के अनुसार बदलिए :- (5 अंक)
नमूना - (1) उत्तर भेज दिया जाए ।
(2) उत्तर न भेजा जाए ।
1. परिपत्र जारी कर दिया जाए ।
2. परीक्षाफल प्रकाशित कर दिया जाए ।
3. बैठक बुला ली जाए ।
4. आगे की कार्रवाई रोक दी जाए ।
5. रोकड़ अनुभाग में श्रीरामनाथ को तैनात कर दिया जाए ।
6. वाक्यों को पूरा कीजिए :- (अंक 5)
(1) हम सहमत हैं परंतु आगे इसका उदाहरण के रूप में उल्लेख .........................।
(2) अनुसंधान सहायकों के दो पदों को भरने के लिए मंत्रालय सभी मंत्रालयों से ..........।
(3) श्री कमलकांत को चेतावनी दी जाती है कि ..................................।
(4) यदि स्पष्टीकरण सात दिन के अंदर न मिला तो ......................................।
(5) मांगी गई सूचना दिनांक 10-12-99 तक भेज दें जिससे . ............................।
7. आपके कार्यालय में लेखन सामग्री नहीं है, इसकी आपूति तत्काल करनी है । लेखन सामग्री की खरीद स्थानीय बाज़ार से करने हेतु कार्यालय सहायक की हैसियत से एक टिप्पणी अपने उच्च अधकिारी को लिखिए । (10 अंक)
8. गलत के आगे (F) तथा सही के आगे (T) निशान लगाइए । (5 अंक)
(1) दो मंत्रालय आपस में कार्यालय ज्ञापन का प्रयोग कर सकते हैं । ( )
(2) र्अध सरकारी पत्र का प्रयोग व्यक्ति को सूचना देने के लिए किया जाता है । ( )
(3) परिपत्र का प्रयोग किसी व्यक्ति विशेष को अनुदेश देने के लिए नहीं किया जाता है
। ( )
(4) पत्र में संबोधन नाम से किया जाता है । ( )
(5) कार्यालय आदेश में उत्तम पुरुष एक वचन का प्रयोग नहीं किया जाता है । ( )
9. कार्यालयीन हिन्दी के संदर्भ में नीचे दिए पदबंधों / क्रियापदों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए :-
(10 अंक)
(1) नहीं दी जा सकती ।
(2) प्रतीक्षा की जा रही है ।
(3) रोक ली गई है ।
(4) विचाराधीन रहा है ।
(5) क्यों न की जाए ।
10. निम्नलिखित अनुच्छेद को ध्यान से पढ़िए तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में
दीजिए: (15 अंक)
जिस भाषा द्वारा राष्ट्रीय या अन्तर-प्रादेशिक स्तर पर सरकारी कामकाज का संचालन होता है, उसे राजभाषा कहते हैं और संपूर्ण राष्ट्र में किसी न किसी रुप में बोली तथा समझी जाने वाली संपर्क भाषा को राष्ट्रभाषा के नाम से अभिहित किया जाता है । राजभाषा और राष्ट्रभाषा की संकल्पनाएं अलग-अलग हैं । जैसे मुगलकाल में भारत की राजभाषा तो अरबी थी परंतु राष्ट्रभाषा अरबी नहीं थी, बल्कि हिन्दुस्तानी थी । इसी प्रकार अंग्रेजी काल में भी भारत की राजभाषा तो अंग्रेजी थी, परंतु राष्ट्रभाषा या जनसंपर्क की भाषा हिन्दी या हिन्दुस्तानी थी । यह बात अलग है कि कभी-कभी राजभाषा और राष्ट्रभाषा दोनों का गौरव एक ही भाषा को प्राप्त हो जाता है जैसे कि आज भारत में हिन्दी को प्राप्त है ।
यदि कोई परिष्कृत मानक भाषा अपने विकास-क्रम में, अपने सीमित क्षेत्र का अतिक्रमण करके अन्य प्रदेशों के अन्य भाषा-भाषियों को भी प्रभावित करती है और भाषा-भाषी समुदायों के साथ भी सार्वजनिक रूप से व्यवहृत होने लगती है, तो वह अनायास ही राष्ट्रभाषा के पद पर सुशेभित हो जाती है । आज हिन्दी की स्थिति पर विचार करने से पता चलेगा कि वह उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश आदि प्रदेशों के अतिरिक्त समस्त भारत में किसी न किसी रूप में बोली या समझी जाती है । अत: वह यथार्थत: समूचे भारत-राष्ट्र की राष्ट्रभाषा है और राजभाषा और राष्ट्रभाषा दोनों का गौरव प्राप्त करने में सक्षम है ।
(1) राजभाषा और राष्ट्रभाषा में क्या अंतर है ?
(2) मुगलकाल में भारत की राजभाषा व राष्ट्रभाषा क्या थी ?
(3) आज भारत में हिन्दी को किस प्रकार का गौरव प्राप्त हुआ है ?
(4) किस भाषा को राष्ट्रभाषा के पद पर सुशोभित होने का श्रेय मिलता है ?
(5) हिन्दी राजभाषा और राष्ट्रभाषा दोनों का गौरव प्राप्त करने में किस प्रकार सक्षम
रही है ?
राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय
हिन्दी शिक्षण योजना (परीक्षा स्कंध)
परीक्षार्थी का अनुक्रमांक (अंकों में) .....................
(शब्दों में) .....................
परीक्षा की तारीख ....................... 1999 प्राप्तांक .........................
परीक्षक के हस्ताक्षर .........
प्राज्ञ परीक्षा - नवम्बर 1999
प्रश्न-पत्र - द्वितीय
समय : 3 घंटे पूर्णांक : 100
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नोट :- कृपया सभी प्रश्नों के उत्तर उनके नीचे दिए गए खाली स्थानों पर लिखें ।
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1. निम्नलिखित अंग्रेजी शब्दों / पदबंधों के हिन्दी पर्याय दीजिए और उन हिन्दी शब्दों को कार्यालयीन हिन्दी वाक्यों में प्रयोग कीजिए :- (15 अंक)
1. Temporary Pass :
2. Reconsideration :
3. Renewal :
4. Housing Scheme :
5. Bilingual :
6. Financial Sanction :
7. Interview :
8. Emoluments :
9. Festival advance :
10. Justification :
2. नीचे लिखे गए हिन्दी शब्दों / पदबंधों के अंग्रेजी पर्याय लिखिए और दिए गए मूल हिन्दी शब्दों / पदबंधों का हिन्दी वाक्यों में प्रयोग कीजिए :- (15 अंक)
1. प्रतिनियुक्ति :
2. अनुवर्ती कार्रवाई :
3. रखरखाव :
4. समायोजन :
5. सक्षम अधकिारी :
6. सवारी भत्ता :
7. प्रतीक्षा सूची :
8. प्रतिपूति :
9. जांच-पड़ताल :
10. पात्रता :
3. हिन्दी में अनुवाद कीजिए :- (अंक 10)
1. Facts of the case may kindly be put up.
2. Despite reminders, there has been delay in submission of statement.
3. No decision has so far been taken in the matter.
4. Administrative approval may be obtained.
5. All ministries and departments to note and comply.
4. अंग्रेजी में अनुवाद कीजिए :- (10 अंक)
1. देर के लिए खेद है ।
2. इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए ।
3. इस मामले में इस समय कोई आश्वासन नहीं दिया जा सकता ।
4. प्रशासनिक अनुमोदन प्राप्त कर लिया जाए ।
5. नई नियुक्ति के लिए प्रस्ताव का औचित्य शीघ्र भेजें ।
5. उदाहरण के अनुसार बदलिए :- (5 अंक)
नमूना - (1) उत्तर भेज दिया जाए ।
(2) उत्तर न भेजा जाए ।
1. परिपत्र जारी कर दिया जाए ।
2. परीक्षाफल प्रकाशित कर दिया जाए ।
3. बैठक बुला ली जाए ।
4. आगे की कार्रवाई रोक दी जाए ।
5. रोकड़ अनुभाग में श्रीरामनाथ को तैनात कर दिया जाए ।
6. वाक्यों को पूरा कीजिए :- (अंक 5)
(1) हम सहमत हैं परंतु आगे इसका उदाहरण के रूप में उल्लेख .........................।
(2) अनुसंधान सहायकों के दो पदों को भरने के लिए मंत्रालय सभी मंत्रालयों से ..........।
(3) श्री कमलकांत को चेतावनी दी जाती है कि ..................................।
(4) यदि स्पष्टीकरण सात दिन के अंदर न मिला तो ......................................।
(5) मांगी गई सूचना दिनांक 10-12-99 तक भेज दें जिससे . ............................।
7. आपके कार्यालय में लेखन सामग्री नहीं है, इसकी आपूति तत्काल करनी है । लेखन सामग्री की खरीद स्थानीय बाज़ार से करने हेतु कार्यालय सहायक की हैसियत से एक टिप्पणी अपने उच्च अधकिारी को लिखिए । (10 अंक)
8. गलत के आगे (F) तथा सही के आगे (T) निशान लगाइए । (5 अंक)
(1) दो मंत्रालय आपस में कार्यालय ज्ञापन का प्रयोग कर सकते हैं । ( )
(2) र्अध सरकारी पत्र का प्रयोग व्यक्ति को सूचना देने के लिए किया जाता है । ( )
(3) परिपत्र का प्रयोग किसी व्यक्ति विशेष को अनुदेश देने के लिए नहीं किया जाता है
। ( )
(4) पत्र में संबोधन नाम से किया जाता है । ( )
(5) कार्यालय आदेश में उत्तम पुरुष एक वचन का प्रयोग नहीं किया जाता है । ( )
9. कार्यालयीन हिन्दी के संदर्भ में नीचे दिए पदबंधों / क्रियापदों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए :-
(10 अंक)
(1) नहीं दी जा सकती ।
(2) प्रतीक्षा की जा रही है ।
(3) रोक ली गई है ।
(4) विचाराधीन रहा है ।
(5) क्यों न की जाए ।
10. निम्नलिखित अनुच्छेद को ध्यान से पढ़िए तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में
दीजिए: (15 अंक)
जिस भाषा द्वारा राष्ट्रीय या अन्तर-प्रादेशिक स्तर पर सरकारी कामकाज का संचालन होता है, उसे राजभाषा कहते हैं और संपूर्ण राष्ट्र में किसी न किसी रुप में बोली तथा समझी जाने वाली संपर्क भाषा को राष्ट्रभाषा के नाम से अभिहित किया जाता है । राजभाषा और राष्ट्रभाषा की संकल्पनाएं अलग-अलग हैं । जैसे मुगलकाल में भारत की राजभाषा तो अरबी थी परंतु राष्ट्रभाषा अरबी नहीं थी, बल्कि हिन्दुस्तानी थी । इसी प्रकार अंग्रेजी काल में भी भारत की राजभाषा तो अंग्रेजी थी, परंतु राष्ट्रभाषा या जनसंपर्क की भाषा हिन्दी या हिन्दुस्तानी थी । यह बात अलग है कि कभी-कभी राजभाषा और राष्ट्रभाषा दोनों का गौरव एक ही भाषा को प्राप्त हो जाता है जैसे कि आज भारत में हिन्दी को प्राप्त है ।
यदि कोई परिष्कृत मानक भाषा अपने विकास-क्रम में, अपने सीमित क्षेत्र का अतिक्रमण करके अन्य प्रदेशों के अन्य भाषा-भाषियों को भी प्रभावित करती है और भाषा-भाषी समुदायों के साथ भी सार्वजनिक रूप से व्यवहृत होने लगती है, तो वह अनायास ही राष्ट्रभाषा के पद पर सुशेभित हो जाती है । आज हिन्दी की स्थिति पर विचार करने से पता चलेगा कि वह उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश आदि प्रदेशों के अतिरिक्त समस्त भारत में किसी न किसी रूप में बोली या समझी जाती है । अत: वह यथार्थत: समूचे भारत-राष्ट्र की राष्ट्रभाषा है और राजभाषा और राष्ट्रभाषा दोनों का गौरव प्राप्त करने में सक्षम है ।
(1) राजभाषा और राष्ट्रभाषा में क्या अंतर है ?
(2) मुगलकाल में भारत की राजभाषा व राष्ट्रभाषा क्या थी ?
(3) आज भारत में हिन्दी को किस प्रकार का गौरव प्राप्त हुआ है ?
(4) किस भाषा को राष्ट्रभाषा के पद पर सुशोभित होने का श्रेय मिलता है ?
(5) हिन्दी राजभाषा और राष्ट्रभाषा दोनों का गौरव प्राप्त करने में किस प्रकार सक्षम
रही है ?
Posted by:AM/PM
हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/26/2009 10:54:00 AM
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प्राज्ञ परीक्षा द्वितीय प्रश्न पत्र, मई 2000
भारत सरकार
राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय
हिन्दी शिक्षण योजना (परीक्षा स्कंध)
परीक्षार्थी का अनुक्रमांक (अंकों में) .....................
(शब्दों में) .....................
परीक्षा की तारीख ....................... 2000 प्राप्तांक:
परीक्षक के हस्ताक्षर .........
प्राज्ञ परीक्षा - मई 2000
मोडल प्रश्न-पत्र
प्रश्न पत्र - द्वितीय
समय : 3 घंटे पूर्णांक : 100
नोट :- कृपया सभी प्रश्नों के उत्तर उनके नीचे दिए गए खाली स्थानों पर लिखें ।
1. नीचे दिए गए अंग्रेजी शब्दों के हिन्दी पर्याय लिखिए और उन हिन्दी शब्दों का वाक्यों में प्रयोग
कीजिए :- (15 अंक)
1. Clarification :
2. Charge Sheet :
3. Consultation :
4. Verification :
5. Action :
6. Document :
7. Declaration :
8. Enclosure :
9. External :
10. Enquiry :
2. निम्नलिखित हिन्दी शब्दों के अंग्रेजी पर्याय दीजिए तथा हिन्दी शब्दों का वाक्यों में प्रयोग
कीजिए :- (15 अंक)
1. प्रतिनिधि :
2. समीक्षा :
3. आरक्षण :
4. नवीनीकरण :
5. कार्यवाही :
6. प्राथमिकता :
7. सार्वजनिक :
8. भविष्यनिधि :
9. अंशकालिक :
10. अध्यादेश :
3. लोक सभा का सत्र पूर्वघोषित तिथि 4 मार्च के स्थान पर अब 2 मार्च से प्रारंभ किया जा रहा है । लोक सभा अध्यक्ष की ओर से संसद सदस्यों को तार द्वारा सूचना देने के लिए तार का मसौदा तैयार कीजिए । (अंक 10)
4. सूचना व प्रसारण मंत्रालय से उपसचिव का स्थानान्तरण पुनर्वास मंत्रालय में हो गया है । इससे रिक्त होने वाले स्थान पर अवर सचिव को 90 दिन के लिए पदोन्नत करके भरा गया है । इस पदोन्नति पर आधारित अधिसूचना का मसौदा तैयार कीजिए । (15 अंक)
5. निम्नलिखित अंग्रेजी टिप्पणियों का हिन्दी में अनुवाद कीजिए :- (अंक 10)
1. Necessary action may be taken.
2. Facts of the case may kindly be furnished.
3. I fully agree with the office note, orders may be issued.
4. His request may be acceded to.
5. Further order will follow.
6. निम्नलिखित हिन्दी वाक्यों के अंग्रेजी रूप दीजिए । (10 अंक)
1. मसौदा अनुमोदन के लिए प्रस्तुत है ।
2. कृपया इसे सर्वथा गोपनीय समझें ।
3. इसे भारत के राजपत्र में सामान्य जानकारी के लिए प्रकाशित किया जाए ।
4. जो आदेश दिए गए हैं उनमें किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है ।
5. प्रतिलिपि सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित ।
7. निम्नलिखित विषयों में से किन्ही दो पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए :- (10 अंक)
(1) अर्धसरकारी पत्र
(2) अधिसूचना
(3) तार
8. निम्नलिखित अनुच्छेद को ध्यान से पढ़िए तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में दीजिए:
(15 अंक)
किसी भी देश में सबसे अधिक बोली और समझी जानेवाली भाषा ही राष्ट्रभाषा होती है। प्रत्येक राष्ट्र अपना स्वतंत्र अस्तित्व रखता है। उसमें अनेक जातियों, धर्मों, भाषाओं के बोलने वाले लोग रहते हैं। अत: राष्ट्रीय एकता को दृढ़ बनाने के लिए एक ऐसी भाषा की आवश्यकता होती है, जिसका प्रयोग देश का प्रत्येक नागरिक कर सके। राष्ट्र के महत्वपूर्ण कार्य, उसी के माध्यम से किया जा सके। ऐसी व्यापक भाषा राष्ट्रभाषा कही जाती है। दूसरे शब्दों में राष्ट्रभाषा से तात्पर्य - जनता की भाषा से है।
(1) राष्ट्रभाषा किसे कहा जा सकता है ?
(2) राष्ट्र के अन्दर कौन-कौन लोग रहते हैं ?
(3) राष्ट्रीय एकता को दृढ़ बनाने के लिए कैसी भाषा की आवश्यकता है ?
(4) राष्ट्र के कौन-कौन से कार्य राष्ट्रभाषा में होने चाहिए ?
(5) उपर्युक्त अनुच्छेद का उचित शीर्षक दीजिए ।
राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय
हिन्दी शिक्षण योजना (परीक्षा स्कंध)
परीक्षार्थी का अनुक्रमांक (अंकों में) .....................
(शब्दों में) .....................
परीक्षा की तारीख ....................... 2000 प्राप्तांक:
परीक्षक के हस्ताक्षर .........
प्राज्ञ परीक्षा - मई 2000
मोडल प्रश्न-पत्र
प्रश्न पत्र - द्वितीय
समय : 3 घंटे पूर्णांक : 100
नोट :- कृपया सभी प्रश्नों के उत्तर उनके नीचे दिए गए खाली स्थानों पर लिखें ।
1. नीचे दिए गए अंग्रेजी शब्दों के हिन्दी पर्याय लिखिए और उन हिन्दी शब्दों का वाक्यों में प्रयोग
कीजिए :- (15 अंक)
1. Clarification :
2. Charge Sheet :
3. Consultation :
4. Verification :
5. Action :
6. Document :
7. Declaration :
8. Enclosure :
9. External :
10. Enquiry :
2. निम्नलिखित हिन्दी शब्दों के अंग्रेजी पर्याय दीजिए तथा हिन्दी शब्दों का वाक्यों में प्रयोग
कीजिए :- (15 अंक)
1. प्रतिनिधि :
2. समीक्षा :
3. आरक्षण :
4. नवीनीकरण :
5. कार्यवाही :
6. प्राथमिकता :
7. सार्वजनिक :
8. भविष्यनिधि :
9. अंशकालिक :
10. अध्यादेश :
3. लोक सभा का सत्र पूर्वघोषित तिथि 4 मार्च के स्थान पर अब 2 मार्च से प्रारंभ किया जा रहा है । लोक सभा अध्यक्ष की ओर से संसद सदस्यों को तार द्वारा सूचना देने के लिए तार का मसौदा तैयार कीजिए । (अंक 10)
4. सूचना व प्रसारण मंत्रालय से उपसचिव का स्थानान्तरण पुनर्वास मंत्रालय में हो गया है । इससे रिक्त होने वाले स्थान पर अवर सचिव को 90 दिन के लिए पदोन्नत करके भरा गया है । इस पदोन्नति पर आधारित अधिसूचना का मसौदा तैयार कीजिए । (15 अंक)
5. निम्नलिखित अंग्रेजी टिप्पणियों का हिन्दी में अनुवाद कीजिए :- (अंक 10)
1. Necessary action may be taken.
2. Facts of the case may kindly be furnished.
3. I fully agree with the office note, orders may be issued.
4. His request may be acceded to.
5. Further order will follow.
6. निम्नलिखित हिन्दी वाक्यों के अंग्रेजी रूप दीजिए । (10 अंक)
1. मसौदा अनुमोदन के लिए प्रस्तुत है ।
2. कृपया इसे सर्वथा गोपनीय समझें ।
3. इसे भारत के राजपत्र में सामान्य जानकारी के लिए प्रकाशित किया जाए ।
4. जो आदेश दिए गए हैं उनमें किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है ।
5. प्रतिलिपि सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित ।
7. निम्नलिखित विषयों में से किन्ही दो पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए :- (10 अंक)
(1) अर्धसरकारी पत्र
(2) अधिसूचना
(3) तार
8. निम्नलिखित अनुच्छेद को ध्यान से पढ़िए तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में दीजिए:
(15 अंक)
किसी भी देश में सबसे अधिक बोली और समझी जानेवाली भाषा ही राष्ट्रभाषा होती है। प्रत्येक राष्ट्र अपना स्वतंत्र अस्तित्व रखता है। उसमें अनेक जातियों, धर्मों, भाषाओं के बोलने वाले लोग रहते हैं। अत: राष्ट्रीय एकता को दृढ़ बनाने के लिए एक ऐसी भाषा की आवश्यकता होती है, जिसका प्रयोग देश का प्रत्येक नागरिक कर सके। राष्ट्र के महत्वपूर्ण कार्य, उसी के माध्यम से किया जा सके। ऐसी व्यापक भाषा राष्ट्रभाषा कही जाती है। दूसरे शब्दों में राष्ट्रभाषा से तात्पर्य - जनता की भाषा से है।
(1) राष्ट्रभाषा किसे कहा जा सकता है ?
(2) राष्ट्र के अन्दर कौन-कौन लोग रहते हैं ?
(3) राष्ट्रीय एकता को दृढ़ बनाने के लिए कैसी भाषा की आवश्यकता है ?
(4) राष्ट्र के कौन-कौन से कार्य राष्ट्रभाषा में होने चाहिए ?
(5) उपर्युक्त अनुच्छेद का उचित शीर्षक दीजिए ।
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हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/26/2009 10:52:00 AM
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प्राज्ञ : परीक्षा प्रश्न पत्र : द्वितीय : मई 2001 (उत्तर सहित)
भारत सरकार
राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय
हिन्दी शिक्षण योजना (परीक्षा स्कंध)
परीक्षार्थी का अनुक्रमांक (अंकों में) .....................
(शब्दों में) .....................
परीक्षा की तारीख ....................... 2001 प्राप्तांक .........................
परीक्षक के हस्ताक्षर ........
प्राज्ञ परीक्षा - मई 2001
प्रश्न पत्र - द्वितीय
समय : 3 घंटे पूर्णांक : 100
नोट :- कृपया सभी प्रश्नों के उत्तर उनके नीचे दिए गए खाली स्थानों पर लिखें ।
1. नीचे दिए गए अंग्रेजी शब्दों के हिन्दी पर्याय दीजिए और उन हिन्दी शब्दों को हिन्दी वाक्यों में
प्रयोग कीजिए :- (15 अंक)
1. Medical Certificate (चिकित्सा प्रमाण पत्र)
उत्तर - श्री क.ख.ग. के चिकित्सा छुट्टी संबंधी आवेदन के साथ चिकित्सा प्रमाण पत्र
संलग्न नहीं है ।
2. Deputation (प्रतिनियुक्ति)
उत्तर - श्री क.ख.ग. की प्रतिनियुक्ति रद्द की जा सकी है ।
3. Compensatory Leave (प्रतिपूरक छुट्टी)
उत्तर - कर्मचारियों को रविवार को काम करने के एवज में प्रतिपूरक छुट्टी दी जा
सकती है ।
4. Cultural Programme (सांस्कृतिक कार्यक्रम)
उत्तर - कार्यालय में आयोजित सासंकृतिक कार्यक्रम में श्रीमती रचना को प्रथम पुरस्कार
मिला है ।
5. Departmental Inquiry (विभागीय जांच)
उत्तर - इस मामले में विभागीय जांच की जा रही है ।
6. Festival Advance (त्यौहार अग्रिम)
उत्तर - नियमानुसार श्री क.ख.ग. को त्यौहार अग्रिम मंज़ूर किया जा सकता है।
7. National Festival (राष्ट्रीय त्यौहार)
उत्तर - राष्ट्रीय श्रम आयोग का राष्ट्रीय त्यौहार संबंधी सुझाव विचाराधीन रहा है ।
8. Surprise Check (आकस्मिक जाँच)
उत्तर - कार्यालय में आकस्मिक जाँच के दौरान सभी कर्मचारी उपस्थित पाए गए ।
9. Nomination Form (नामन पत्र)
उत्तर - श्री ------- अपना नामन पत्र शीघ्रातिशीघ्र कार्यालय में जमा करा दें ।
10. Representation (अभ्यावेदन)
उत्तर - श्री ------ का पदोन्नति के संबंध में अभ्यावेदन प्राप्त हुआ है ।
2. नीचे दिए गए हिन्दी शब्दों / पदबंधों के अंग्रेजी पर्याय लिखिए और दिए गए मूल हिन्दी शब्दों / पदबंधों का हिन्दी वाक्यों में प्रयोग कीजिए :- (15 अंक)
1. सेवा निवृत्ति (Retirement)
उत्तर - अभी-अभी सरकार ने स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति योजना को आकर्षक बनाने का
निर्णय किया है ।
2. आरोप पत्र (Charge Sheet)
उत्तर - श्री क.ख.ग. के विरुद्ध आरोप पत्र में लगाए गए आरोप सिद्ध नहीं हो सके हैं ।
3. अराजपत्रित कर्मचारी (Non Gazetted Employee)
उत्तर - अब यह निश्चय किया गया है कि अराजपत्रित कर्मचारी सरकारी फाइल
अनुमति के बिना घर नहीं ले जाएंगे ।
4. लेखा परीक्षा आपत्ति (Audit objection)
उत्तर - वाषिक रिपोर्ट में उठाई गई लेखा परीक्षा आपत्ति का निराकरण शीघ्र करें ।
5. आपसी बदली (Mutual Transfer)
उत्तर - श्री ------- ने आपसी बदली पर कोलकाता जाने के संबंध में आवेदन किया
है।
6. चिकित्सा सुविधा (Medical benefit)
उत्तर - केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को केंद्रीय स्वास्थ्य योजना द्वारा चिकित्सा सुविधा
प्रदान की जाती है ।
7. अधीनस्थ कार्यालय (Subordinate Office)
उत्तर - अधीनस्थ कार्यालय क्षेत्रीय अभिकरण के रूप में काम करते हैं ।
8. नियुक्ति प्रस्ताव (Offer of Appointment)
उत्तर - यदि श्री ------- को नियुक्ति प्रस्ताव स्वीकार हो तो वे मेरे समक्ष दि. ----- को
उपस्थित हों ।
9. अचल सम्पत्ति (Immovable Property)
उत्तर - राजपत्रित अधकिारियों की अचल सम्पत्ति का ब्यौरा शीघ्र भेजें ।
10. उद्घाटन (Inauguaration)
उत्तर - कार्यालय के नए भवन का उद्घाटन कल प्रधानमंत्री करेंगे ।
3. हिन्दी में अनुवाद कीजिए :- (10 अंक)
(1) Please see the case and offer your coments.
उत्तर - कृपया इस मामले को देखें और अपना अभिमत दें ।
(2) Enquiry may be completed and its report submitted at an early date.
उत्तर - जाँच पूरी कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए ।
(3) All ministries and departments should note it and comply.
उत्तर - सभी मंत्रालय और विभाग ध्यान दें और पालन करें ।
(4) Draft has been amended accordingly.
उत्तर - मसौदा तद्नुसार संशोधति कर दिया गया है ।
(5) Seniority list of the employees in the lower grade is ready for promotion.
उत्तर - निम्न ग्रेड के कर्मचारियों की पदोन्नति हेतु वरीयता (वरिष्ठता) सूची तैयार है ।
4. अंग्रेजी में अनुवाद कीजिए :- (10 अंक)
(1) प्रतिलिपि क ख ग को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी जा रही है ।
उत्तर - Copy is forwarded for necessary action to A.B.C.
(2) सभी मंत्रालयों / विभागों / कार्यालयों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे वाषिक कार्यक्रम 2000-2001 का निष्ठा से पालन करेंगे ।
उत्तर - All the Ministries / Departments / Offices are expected to comply the Annual Programme.
(3) कार्मचारी कोई आवेदन, अपील या अभ्यावेदन हिन्दी या अंग्रेजी में कर सकता है ।
उत्तर - An Officer may submit an application, appeal or representation in Hindi or English.
(4) इस व्यय के लिए चालू वित्तीय वर्ष के बजट में व्यवस्था है ।
उत्तर - Provision exists in the budget for incurring the expenditure during the current financial year.
(5) जहाँ साक्षात्कार लिया जाना हो, वहाँ भी उम्मीदवारों / (अभ्याथियों) को प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में देने की छूट दी जाए ।
उत्तर - Where an interview is held the candidates may be allowed to opt to answer in Hindi.
5. नमूने के अनुसार बदलिए :-
नमूना :- कार्रवाई की जा सकती है ।
कार्रवाई की जाएगी ।
(1) इकतरफा निर्णय लिया जा सकता है ।
उत्तर - इकतरफा निर्णय लिया जाएगा ।
(2) दिनांक ------- के बाद प्राप्त होने पर स्पष्टीकरण अस्वीकार किया जा सकता है।
उत्तर - दिनांक ------ के बाद प्राप्त होने पर स्पष्टीकरण अस्वीकार कर दिया जाएगा ।
(3) इन परिस्थितियों में अजित छुट्टी मंजूर नहीं की जा सकती ।
उत्तर - इन परिस्थितियों में अजित छुट्टी मंजूर नहीं की जाएगी ।
(4) दुबारा शिकायत मिलने पर श्री राम गोपाल की प्रतिनियुक्ति रद्द की जा सकती है ।
उत्तर - दुबारा शिकायत मिलने पर श्री राम गोपाल की प्रतिनियुक्ति रद्द कर दी जाएगी ।
(5) श्री सक्सेना को उक्त सरकारी मकान दिनांक ----- तक खाली करना पड़ सकता है ।
उत्तर - श्री सक्सेना को उक्त सरकारी मकान दिनांक ----- तक खाली करना पड़ेगा ।
6. निम्नलिखित पदनामों को सही क्रम में लिखिए :- (अंक 10)
1. उपसचिव 2. अवर श्रेणी लिपिक 3. सहायक 4. राष्ट्रपति
5. सचिव 6. उच्च श्रेणी लिपिक 7. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 8. प्रधानमंत्री
9. अनुभाग अधकिारी 10. अवर सचिव 11. संयुक्त सचिव
1. राष्ट्रपति
2. प्रधानमंत्री
3. सचिव
4. संयुक्त सचिव
5. उप सचिव
6. अवर सचिव
7. अनुभाग अधकिारी
8. सहायक
9. उच्च श्रेणी लिपिक
10. निम्न श्रेणी लिपिक
11. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
7. कार्यालयीन हिन्दी के संदर्भ में नीचे दिए क्रियापदों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए :- (10 अंक)
(1) प्रदान की जाती है
उत्तर - श्री ------- को प्रतिपूरक छुट्टी प्रदान की जाती है ।
(2) मंजूरी दी गई है
उत्तर - इस वर्ष के लिए नए बजट प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है ।
(3) प्राप्त हो जाने चाहिए
उत्तर - सभी अनुभागों से नए वर्ष के लिए बजट प्रस्ताव दि. --------- तक प्राप्त हो जाने चाहिए ।
(4) आयोजित की जा रही है
उत्तर - इस प्रयोगशाला में दि. ----- से दि. ----- तक हिन्दी कार्यशाला आयोजित की जा रही है ।
(5) क्यों न की जाए
उत्तर - श्री ----- स्पष्टीकरण दें कि उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई क्यों न की जाए ।
(6) अनुमति दी जाती है
उत्तर - श्री ----- को संस्वीकृति राशि एक मुश्त निकालने की अनुमति दी जाती है ।
(7) आवेदन कर सकते हैं
उत्तर - श्री ----- भी स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं ।
(8) पहुँच जानी चाहिए
उत्तर - उक्त सूचना आयोग के कार्यालय में दि. ----- तक पहुँच जानी चाहिए ।
(9) कार्रवाई रोक दी जाए
उत्तर - अगले आदेश तक श्री ----- की वेतनवृद्धि रोक दी जाए ।
(10) विचाराधीन रहा है
उत्तर - यह मामला बहुत समय से सरकार के विचाराधीन रहा है ।
8. नीचे दिए गए दोनों वर्गों में से एक-एक अंश लेकर सही वाक्य बनाइए :- (10 अंक)
वर्ग 1 वर्ग 2
1. पूर्व अनुमति के बिना उपबंध किया जा सकेगा ।
2. तिमाही प्रगति रिपोर्ट के लिए कठोर कदम उठाना आवश्यक है ।
3. इस व्यय के लिए अगले वित्तीय वर्ष में अस्वीकृत माना जाएगा ।
4. वित्त मंत्रालय आदि से अनुरोध है कि मुख्यालय न छोडें ।
5. समिति के सदस्यों की सूची प्राप्त नहीं हुआ है ।
6. अनुशासनिक कार्रवाई अधिक विस्तृत प्रपत्र (प्रोफार्मा) तैयार
किया जाए ।
7. वित्त मंत्रालय इस संबंध में वे इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करें ।
8. दि. ----- के बाद प्राप्त आवेदनों को समन्वय समिति में विचार के लिए दी
जानी चाहिए ।
9. बैठक का कार्यवृत्त अपने निर्णय की सूचना दे ।
10. मितव्ययिता के लिए क्यों न की जाए ।
उत्तर -
1. पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय न छोड़ें ।
2. तिमाही प्रगति रिपोर्ट के लिए अधकि विस्तृत प्रपत्र (प्रोफार्मा) तैयार किया जाए ।
3. इस व्यय के लिए अगले वित्तीय वर्ष में उपबंध किया जा सकेगा ।
4. वित्त मंत्रालय आदि से अनुरोध है कि वे इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करें ।
5. समिति के सदस्यों की सूची समन्वय समिति में विचार के लिए दी जानी चाहिए ।
6. अनुशासनिक कार्रवाई क्यों न की जाए ।
7. वित्त मंत्रालय इस संबंध में अपने निर्णय की सूचना दे ।
8. दि. ----- के बाद प्राप्त आवेदनों को अस्वीकृत माना जाएगा ।
9. बैठक का कार्यवृत्त प्राप्त नहीं हुआ है ।
10. मितव्ययिता के लिए कठोर कदम उठाना आवश्यक है ।
8. निम्नलिखित अनुच्छेद को ध्यान से पढ़िए तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में दीजिए : ( 10 अंक )
वर्ष 1967 में संसद द्वारा पारित राजभाषा संकल्प में यह निर्देश दिया गया था कि भारत- सरकार एक अधकि गहन एवं व्यापक कार्यक्रम तैयार कर क्रियान्वित करेगी जिससे हिन्दी के प्रसार एवं विकास को गति मिले और संघ के राजकीय प्रयोजनों के लिए उसका उत्तरोत्तर प्रयोग किया जाए । वर्ष 2000-2001 का यह 32 वां कार्यक्रम इसी क्रम की एक महत्वपूर्ण कड़ी है । संघ के राजकीय कार्यों के लिए अंग्रेजी के स्थान पर हिन्दी को लाने के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति तो कुछ हद तक हमें हुई भी है परन्तु फिर भी सरकारी कार्यालयों में अभी भी बहुत हद तक कार्य अंग्रेजी में होता है । हिन्दी अनुवाद की भाषा के रूप में ही इस्तेमाल की जा रही है तथा अंग्रेजी मुख्य भाषा के रूप में इस्तेमाल हो रही है । यह संविधान के प्रावधानों की अवहेलना है । सभी अधकिारियों व कर्मचारियों का यह संवैधानिक दायित्व है कि वे राजकीय कार्य हिन्दी भाषा में करें जिससे अंग्रेजी के स्थान पर हिन्दी को लाने की गति तेज हो सके । इससे जनता और शासन एक दूसरे को अच्छी तरह समझ सकेंगे और आपसी सहयोग बढ़ेगा ।
1. वर्ष 1967 में संसद द्वारा पारित राजभाषा संकल्प में क्या निर्देश दिया गया था ?
उत्तर - वर्ष 1967 में संसद द्वारा पारित संकल्प में यह निर्देश दिया गया था कि भारत सरकार एक अधकि गहन एवं व्यापक कार्यक्रम तैयार कर क्रियान्वित करेगी जिससे हिन्दी के प्रसार एवं विकास को गति मिले ।
2. कार्यक्रम तैयार कर उसे क्रियान्वित करने के पीछे भारत-सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या रहा है ?
उत्तर - कार्यक्रम तैयार कर उसे क्रियान्वित करने के पीछे भारत - सरकार का मुख्य उद्देश्य यह था कि हिन्दी के प्रसार एवं विकास को गति मिले ।
3. संघ के राजकीय कार्यों में हिन्दी की स्थिति क्या है ?
उत्तर- संघ के राजकीय कार्यों में अंग्रेजी के स्थान हिन्दी को लाने के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति तो कुछ हद तक हुई भी है, परंतु फिर भी सरकारी कार्यालयों में अभी भी बहुत हद तक कार्य अंग्रेजी में होता है।
4. सरकारी कार्यालयों में हिन्दी व अंग्रेजी भाषाओं का किस रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है ?
उत्तर - सरकारी कार्यालयों में हिन्दी अनुवाद की भाषा के रूप में इस्तेमाल की जा रही है तथा अंग्रेजी मुख्य भाषा के रूप में इस्तेमाल हो रही है ।
5. सरकारी अधकिारियों व कर्मचारियों का संवैधानिक दायित्व क्या है और इससे क्या फायदा होगा ?
उत्तर - सरकारी अधकिारियों व कर्मचारियों को यह संवैधानिक दायित्व है कि वे राजकीय कार्य हिन्दी भाषा में करें इससे फायदा यह होगा कि अंग्रेजी के स्थान पर हिन्दी को लाने की गति तेज हो सकेगी ।
(Source : lilappp)
राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय
हिन्दी शिक्षण योजना (परीक्षा स्कंध)
परीक्षार्थी का अनुक्रमांक (अंकों में) .....................
(शब्दों में) .....................
परीक्षा की तारीख ....................... 2001 प्राप्तांक .........................
परीक्षक के हस्ताक्षर ........
प्राज्ञ परीक्षा - मई 2001
प्रश्न पत्र - द्वितीय
समय : 3 घंटे पूर्णांक : 100
नोट :- कृपया सभी प्रश्नों के उत्तर उनके नीचे दिए गए खाली स्थानों पर लिखें ।
1. नीचे दिए गए अंग्रेजी शब्दों के हिन्दी पर्याय दीजिए और उन हिन्दी शब्दों को हिन्दी वाक्यों में
प्रयोग कीजिए :- (15 अंक)
1. Medical Certificate (चिकित्सा प्रमाण पत्र)
उत्तर - श्री क.ख.ग. के चिकित्सा छुट्टी संबंधी आवेदन के साथ चिकित्सा प्रमाण पत्र
संलग्न नहीं है ।
2. Deputation (प्रतिनियुक्ति)
उत्तर - श्री क.ख.ग. की प्रतिनियुक्ति रद्द की जा सकी है ।
3. Compensatory Leave (प्रतिपूरक छुट्टी)
उत्तर - कर्मचारियों को रविवार को काम करने के एवज में प्रतिपूरक छुट्टी दी जा
सकती है ।
4. Cultural Programme (सांस्कृतिक कार्यक्रम)
उत्तर - कार्यालय में आयोजित सासंकृतिक कार्यक्रम में श्रीमती रचना को प्रथम पुरस्कार
मिला है ।
5. Departmental Inquiry (विभागीय जांच)
उत्तर - इस मामले में विभागीय जांच की जा रही है ।
6. Festival Advance (त्यौहार अग्रिम)
उत्तर - नियमानुसार श्री क.ख.ग. को त्यौहार अग्रिम मंज़ूर किया जा सकता है।
7. National Festival (राष्ट्रीय त्यौहार)
उत्तर - राष्ट्रीय श्रम आयोग का राष्ट्रीय त्यौहार संबंधी सुझाव विचाराधीन रहा है ।
8. Surprise Check (आकस्मिक जाँच)
उत्तर - कार्यालय में आकस्मिक जाँच के दौरान सभी कर्मचारी उपस्थित पाए गए ।
9. Nomination Form (नामन पत्र)
उत्तर - श्री ------- अपना नामन पत्र शीघ्रातिशीघ्र कार्यालय में जमा करा दें ।
10. Representation (अभ्यावेदन)
उत्तर - श्री ------ का पदोन्नति के संबंध में अभ्यावेदन प्राप्त हुआ है ।
2. नीचे दिए गए हिन्दी शब्दों / पदबंधों के अंग्रेजी पर्याय लिखिए और दिए गए मूल हिन्दी शब्दों / पदबंधों का हिन्दी वाक्यों में प्रयोग कीजिए :- (15 अंक)
1. सेवा निवृत्ति (Retirement)
उत्तर - अभी-अभी सरकार ने स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति योजना को आकर्षक बनाने का
निर्णय किया है ।
2. आरोप पत्र (Charge Sheet)
उत्तर - श्री क.ख.ग. के विरुद्ध आरोप पत्र में लगाए गए आरोप सिद्ध नहीं हो सके हैं ।
3. अराजपत्रित कर्मचारी (Non Gazetted Employee)
उत्तर - अब यह निश्चय किया गया है कि अराजपत्रित कर्मचारी सरकारी फाइल
अनुमति के बिना घर नहीं ले जाएंगे ।
4. लेखा परीक्षा आपत्ति (Audit objection)
उत्तर - वाषिक रिपोर्ट में उठाई गई लेखा परीक्षा आपत्ति का निराकरण शीघ्र करें ।
5. आपसी बदली (Mutual Transfer)
उत्तर - श्री ------- ने आपसी बदली पर कोलकाता जाने के संबंध में आवेदन किया
है।
6. चिकित्सा सुविधा (Medical benefit)
उत्तर - केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को केंद्रीय स्वास्थ्य योजना द्वारा चिकित्सा सुविधा
प्रदान की जाती है ।
7. अधीनस्थ कार्यालय (Subordinate Office)
उत्तर - अधीनस्थ कार्यालय क्षेत्रीय अभिकरण के रूप में काम करते हैं ।
8. नियुक्ति प्रस्ताव (Offer of Appointment)
उत्तर - यदि श्री ------- को नियुक्ति प्रस्ताव स्वीकार हो तो वे मेरे समक्ष दि. ----- को
उपस्थित हों ।
9. अचल सम्पत्ति (Immovable Property)
उत्तर - राजपत्रित अधकिारियों की अचल सम्पत्ति का ब्यौरा शीघ्र भेजें ।
10. उद्घाटन (Inauguaration)
उत्तर - कार्यालय के नए भवन का उद्घाटन कल प्रधानमंत्री करेंगे ।
3. हिन्दी में अनुवाद कीजिए :- (10 अंक)
(1) Please see the case and offer your coments.
उत्तर - कृपया इस मामले को देखें और अपना अभिमत दें ।
(2) Enquiry may be completed and its report submitted at an early date.
उत्तर - जाँच पूरी कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए ।
(3) All ministries and departments should note it and comply.
उत्तर - सभी मंत्रालय और विभाग ध्यान दें और पालन करें ।
(4) Draft has been amended accordingly.
उत्तर - मसौदा तद्नुसार संशोधति कर दिया गया है ।
(5) Seniority list of the employees in the lower grade is ready for promotion.
उत्तर - निम्न ग्रेड के कर्मचारियों की पदोन्नति हेतु वरीयता (वरिष्ठता) सूची तैयार है ।
4. अंग्रेजी में अनुवाद कीजिए :- (10 अंक)
(1) प्रतिलिपि क ख ग को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी जा रही है ।
उत्तर - Copy is forwarded for necessary action to A.B.C.
(2) सभी मंत्रालयों / विभागों / कार्यालयों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे वाषिक कार्यक्रम 2000-2001 का निष्ठा से पालन करेंगे ।
उत्तर - All the Ministries / Departments / Offices are expected to comply the Annual Programme.
(3) कार्मचारी कोई आवेदन, अपील या अभ्यावेदन हिन्दी या अंग्रेजी में कर सकता है ।
उत्तर - An Officer may submit an application, appeal or representation in Hindi or English.
(4) इस व्यय के लिए चालू वित्तीय वर्ष के बजट में व्यवस्था है ।
उत्तर - Provision exists in the budget for incurring the expenditure during the current financial year.
(5) जहाँ साक्षात्कार लिया जाना हो, वहाँ भी उम्मीदवारों / (अभ्याथियों) को प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में देने की छूट दी जाए ।
उत्तर - Where an interview is held the candidates may be allowed to opt to answer in Hindi.
5. नमूने के अनुसार बदलिए :-
नमूना :- कार्रवाई की जा सकती है ।
कार्रवाई की जाएगी ।
(1) इकतरफा निर्णय लिया जा सकता है ।
उत्तर - इकतरफा निर्णय लिया जाएगा ।
(2) दिनांक ------- के बाद प्राप्त होने पर स्पष्टीकरण अस्वीकार किया जा सकता है।
उत्तर - दिनांक ------ के बाद प्राप्त होने पर स्पष्टीकरण अस्वीकार कर दिया जाएगा ।
(3) इन परिस्थितियों में अजित छुट्टी मंजूर नहीं की जा सकती ।
उत्तर - इन परिस्थितियों में अजित छुट्टी मंजूर नहीं की जाएगी ।
(4) दुबारा शिकायत मिलने पर श्री राम गोपाल की प्रतिनियुक्ति रद्द की जा सकती है ।
उत्तर - दुबारा शिकायत मिलने पर श्री राम गोपाल की प्रतिनियुक्ति रद्द कर दी जाएगी ।
(5) श्री सक्सेना को उक्त सरकारी मकान दिनांक ----- तक खाली करना पड़ सकता है ।
उत्तर - श्री सक्सेना को उक्त सरकारी मकान दिनांक ----- तक खाली करना पड़ेगा ।
6. निम्नलिखित पदनामों को सही क्रम में लिखिए :- (अंक 10)
1. उपसचिव 2. अवर श्रेणी लिपिक 3. सहायक 4. राष्ट्रपति
5. सचिव 6. उच्च श्रेणी लिपिक 7. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 8. प्रधानमंत्री
9. अनुभाग अधकिारी 10. अवर सचिव 11. संयुक्त सचिव
1. राष्ट्रपति
2. प्रधानमंत्री
3. सचिव
4. संयुक्त सचिव
5. उप सचिव
6. अवर सचिव
7. अनुभाग अधकिारी
8. सहायक
9. उच्च श्रेणी लिपिक
10. निम्न श्रेणी लिपिक
11. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
7. कार्यालयीन हिन्दी के संदर्भ में नीचे दिए क्रियापदों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए :- (10 अंक)
(1) प्रदान की जाती है
उत्तर - श्री ------- को प्रतिपूरक छुट्टी प्रदान की जाती है ।
(2) मंजूरी दी गई है
उत्तर - इस वर्ष के लिए नए बजट प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है ।
(3) प्राप्त हो जाने चाहिए
उत्तर - सभी अनुभागों से नए वर्ष के लिए बजट प्रस्ताव दि. --------- तक प्राप्त हो जाने चाहिए ।
(4) आयोजित की जा रही है
उत्तर - इस प्रयोगशाला में दि. ----- से दि. ----- तक हिन्दी कार्यशाला आयोजित की जा रही है ।
(5) क्यों न की जाए
उत्तर - श्री ----- स्पष्टीकरण दें कि उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई क्यों न की जाए ।
(6) अनुमति दी जाती है
उत्तर - श्री ----- को संस्वीकृति राशि एक मुश्त निकालने की अनुमति दी जाती है ।
(7) आवेदन कर सकते हैं
उत्तर - श्री ----- भी स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं ।
(8) पहुँच जानी चाहिए
उत्तर - उक्त सूचना आयोग के कार्यालय में दि. ----- तक पहुँच जानी चाहिए ।
(9) कार्रवाई रोक दी जाए
उत्तर - अगले आदेश तक श्री ----- की वेतनवृद्धि रोक दी जाए ।
(10) विचाराधीन रहा है
उत्तर - यह मामला बहुत समय से सरकार के विचाराधीन रहा है ।
8. नीचे दिए गए दोनों वर्गों में से एक-एक अंश लेकर सही वाक्य बनाइए :- (10 अंक)
वर्ग 1 वर्ग 2
1. पूर्व अनुमति के बिना उपबंध किया जा सकेगा ।
2. तिमाही प्रगति रिपोर्ट के लिए कठोर कदम उठाना आवश्यक है ।
3. इस व्यय के लिए अगले वित्तीय वर्ष में अस्वीकृत माना जाएगा ।
4. वित्त मंत्रालय आदि से अनुरोध है कि मुख्यालय न छोडें ।
5. समिति के सदस्यों की सूची प्राप्त नहीं हुआ है ।
6. अनुशासनिक कार्रवाई अधिक विस्तृत प्रपत्र (प्रोफार्मा) तैयार
किया जाए ।
7. वित्त मंत्रालय इस संबंध में वे इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करें ।
8. दि. ----- के बाद प्राप्त आवेदनों को समन्वय समिति में विचार के लिए दी
जानी चाहिए ।
9. बैठक का कार्यवृत्त अपने निर्णय की सूचना दे ।
10. मितव्ययिता के लिए क्यों न की जाए ।
उत्तर -
1. पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय न छोड़ें ।
2. तिमाही प्रगति रिपोर्ट के लिए अधकि विस्तृत प्रपत्र (प्रोफार्मा) तैयार किया जाए ।
3. इस व्यय के लिए अगले वित्तीय वर्ष में उपबंध किया जा सकेगा ।
4. वित्त मंत्रालय आदि से अनुरोध है कि वे इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करें ।
5. समिति के सदस्यों की सूची समन्वय समिति में विचार के लिए दी जानी चाहिए ।
6. अनुशासनिक कार्रवाई क्यों न की जाए ।
7. वित्त मंत्रालय इस संबंध में अपने निर्णय की सूचना दे ।
8. दि. ----- के बाद प्राप्त आवेदनों को अस्वीकृत माना जाएगा ।
9. बैठक का कार्यवृत्त प्राप्त नहीं हुआ है ।
10. मितव्ययिता के लिए कठोर कदम उठाना आवश्यक है ।
8. निम्नलिखित अनुच्छेद को ध्यान से पढ़िए तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में दीजिए : ( 10 अंक )
वर्ष 1967 में संसद द्वारा पारित राजभाषा संकल्प में यह निर्देश दिया गया था कि भारत- सरकार एक अधकि गहन एवं व्यापक कार्यक्रम तैयार कर क्रियान्वित करेगी जिससे हिन्दी के प्रसार एवं विकास को गति मिले और संघ के राजकीय प्रयोजनों के लिए उसका उत्तरोत्तर प्रयोग किया जाए । वर्ष 2000-2001 का यह 32 वां कार्यक्रम इसी क्रम की एक महत्वपूर्ण कड़ी है । संघ के राजकीय कार्यों के लिए अंग्रेजी के स्थान पर हिन्दी को लाने के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति तो कुछ हद तक हमें हुई भी है परन्तु फिर भी सरकारी कार्यालयों में अभी भी बहुत हद तक कार्य अंग्रेजी में होता है । हिन्दी अनुवाद की भाषा के रूप में ही इस्तेमाल की जा रही है तथा अंग्रेजी मुख्य भाषा के रूप में इस्तेमाल हो रही है । यह संविधान के प्रावधानों की अवहेलना है । सभी अधकिारियों व कर्मचारियों का यह संवैधानिक दायित्व है कि वे राजकीय कार्य हिन्दी भाषा में करें जिससे अंग्रेजी के स्थान पर हिन्दी को लाने की गति तेज हो सके । इससे जनता और शासन एक दूसरे को अच्छी तरह समझ सकेंगे और आपसी सहयोग बढ़ेगा ।
1. वर्ष 1967 में संसद द्वारा पारित राजभाषा संकल्प में क्या निर्देश दिया गया था ?
उत्तर - वर्ष 1967 में संसद द्वारा पारित संकल्प में यह निर्देश दिया गया था कि भारत सरकार एक अधकि गहन एवं व्यापक कार्यक्रम तैयार कर क्रियान्वित करेगी जिससे हिन्दी के प्रसार एवं विकास को गति मिले ।
2. कार्यक्रम तैयार कर उसे क्रियान्वित करने के पीछे भारत-सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या रहा है ?
उत्तर - कार्यक्रम तैयार कर उसे क्रियान्वित करने के पीछे भारत - सरकार का मुख्य उद्देश्य यह था कि हिन्दी के प्रसार एवं विकास को गति मिले ।
3. संघ के राजकीय कार्यों में हिन्दी की स्थिति क्या है ?
उत्तर- संघ के राजकीय कार्यों में अंग्रेजी के स्थान हिन्दी को लाने के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति तो कुछ हद तक हुई भी है, परंतु फिर भी सरकारी कार्यालयों में अभी भी बहुत हद तक कार्य अंग्रेजी में होता है।
4. सरकारी कार्यालयों में हिन्दी व अंग्रेजी भाषाओं का किस रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है ?
उत्तर - सरकारी कार्यालयों में हिन्दी अनुवाद की भाषा के रूप में इस्तेमाल की जा रही है तथा अंग्रेजी मुख्य भाषा के रूप में इस्तेमाल हो रही है ।
5. सरकारी अधकिारियों व कर्मचारियों का संवैधानिक दायित्व क्या है और इससे क्या फायदा होगा ?
उत्तर - सरकारी अधकिारियों व कर्मचारियों को यह संवैधानिक दायित्व है कि वे राजकीय कार्य हिन्दी भाषा में करें इससे फायदा यह होगा कि अंग्रेजी के स्थान पर हिन्दी को लाने की गति तेज हो सकेगी ।
(Source : lilappp)
Posted by:AM/PM
हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
at
10/26/2009 10:33:00 AM
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Oct 24, 2009
प्रवीण परीक्षा के लिए पाठ सारांश
दुर्गापुर में कार्यरत हमारे साथी हिंदी प्रवक्ता श्री विश्वजीत मजुमदार ने राजभाषा विभाग की प्रवीण परीक्षा लिखने जा रहे प्रशिक्षार्थियों (ट्रेनीज) के लिए कुछ उपयोगी सामग्री तैयार की है। उनके द्वारा तैयार किए गए पाठ सारांश कतिपय संपादन के साथ यहाँ दिए जा रहे हैं।
-अजय मलिक
-अजय मलिक
उड़ीसा की सैर
लेखक एलटीसी पर सपरिवार जगन्नाथ पुरी के दर्शन के लिए गए। वे उड़ीसा में अन्य ऐतिहासिक स्थलों
को भी देखना चाहते थे। वे रेल से भुवनेश्वर गए। भुवनेश्वर से पुरी की दूरी लगभग बावन किलोमीटर
है। पुरी चार धामों में से एक है I यहाँ भगवान् श्रीकृष्ण बलभद्र सुभद्रा
की काठ की मूर्तियाँ हैं। पुरी में अनेक मंदिर हैं । इसे मंदिरों की नगरी कहा जाता है। लेखक ने
पुरी के समुद्र तट पर सूर्योदय देखा। उन्होंने
सागर में स्नान भी किया। दो दिन बाद वे बस से कोणार्क गए। वहाँ कोणार्क का सूर्य मंदिर देखा। सूर्य मंदिर हमारी संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। कोणार्क के
बाद वे कलिंग का रणक्षेत्र भी देखने गए। वापसी में भुवनेश्वर व नंदनकानन भी गए।
लेखक ने चिल्का झील में नौकायान किया।
चिल्का झील में डाल्फिनों
को देखकर उनके बच्चे बेहद खुश हुए। उड़ीसा की यह सैर लेखक के लिए यादगार बन गई।
सपनों का महल
शिवनाथ बाबू मुंबई के डाक विभाग में काम करते थे। वे मुंबई
से दूर नासिक में घर बनवा रहे थे। सेवा-निवृत्ति के बाद वे शांति से जीना चाहते
थे। उन्होंने घर बनाने के लिए अपनी भविष्य निधि से अग्रिम लिया था। वे
सेवा-निवृत्त होकर नासिक गए और घर संभालने लगे।
वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं और इस बात से खुश थे । वे अपने बेटे और
बेटी को सही रास्ते पर चलाने की सलाह देते तो बेटे बेटी को यह अच्छा नहीं लगता।
पत्नी का स्वभाव भी काफी बदल गया था। शिवनाथ बाबू को लगता कि उनका नासिक में रहना
उनकी पत्नी और बच्चों को अच्छा महीं लगता। अपने ही घर में वे खुद को अनावश्यक समझने लगे और फिर से मुंबई
लौटने की सोचने लगे । जाने से पहले उन्हों ने एक बार सबसे बात करने का निर्णय लिया
। उन्होंने सबको बुलाया । उनहों ने बताया
कि वे तो सबका भला चाहते हैं; उनका नासिक में रहना यदि बाकी लोगों को पसंद नहीं है तो वे
वापस मुंबई चले जाएंगे । यह सब सुनकर पत्नी और बच्चों को अपनी भूल समझ में आ गई और
तो सबने माफी माँग ली ।
परीक्षा
सरदार सुजानसिंह देवगढ़ रियासत के दीवान थे।
बूढ़े होने पर उन्होंने राजा से सेवामुक्ति हेतु प्रार्थना की। राजा ने उन्हें सेवामुक्ति
से पूर्व नए दीवान की नियुक्ति की ज़िम्मेदारी सौंपी। नए दीवान की नियुक्ति के लिए विज्ञापन
निकाला गया। अनेक उम्मीदवार दीवान बनने के लिए आए। सभी उम्मीदवारों को एक माह तक अपने
आचार-विचार एवं कर्तव्यनिष्ठ होने की परीक्षा देनी थी। एक दिन सभी उम्मीदवार युवक हाकी
खेलकर लौट रहे थे। रास्ते में एक गरीब किसान की अनाज से लदी गाड़ी नाले की कीचड़ में
फंसी पड़ी थी। किसी भी युवक ने किसान की मदद नहीं की। उस दिन हाकी खेलते हुए एक युवक
के पैर में चोट लग गई थी। वह सबसे बाद में लगड़ाते हुए आया। घायल होने के बावजूद उसने
गरीब किसान की मदद की और गाड़ी नाले से निकलवा दी। गरीब किसान का भेष बनाकर सुजान सिंह
ही युवकों की परीक्षा ले रहे थे। मदद करने वाले युवक का नाम पंडित जानकीनाथ था। सरदार सुजान सिंह ने पंडित जानकीनाथ की दयालु प्रवृत्ति
एवं कर्तव्यनिष्ठा के आधार पर नए दीवान की परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित कर दिया। उनका
मानना था कि जिस आदमी के दिल में उदारता, आत्मबल एवं साहस हैं वह कभी भी दया और धर्म
से पीछे नहीं हटेगा।
इंफाल की यादें
लेखक को 21 साल के बाद इंफाल से लोखन सिंह
का पत्र मिला। लोखन सिंह मणिपुर का रहने वाला था। वह लेखक के साथ इंफाल में जनगणना
कार्यालय में लिपिल के पद पर काम करता था। लोखन सिंह हंसमुख एवं सीधे स्वभाव का व्यक्ति
था। मणिपुरी लोग बाहर से आए लोगों से ज्यादा घुलना-मिलना पसंद नहीं करते। लेकिन वे
अपने अतिथि का बेहद सम्मान करते हैं। लेखक और लोखन सिंह की मित्रता हो गई। एक दिन लोखन
सिंह ने लेखक को अपने घर आने का निमंत्रण दिया। लोखन सिंह का घर बिसनपुर में था। वह
लेखक को बस अड्डे पर लेने आया। उसके घर पर लेखक का खूब आदर-सत्कार किया गया। लोखन सिंह
के पिता ने लेखक को अपने हाथ से बनाई टोकरी दी। उसकी बहन ने लेखक को शाल और चादर उपहार
में दीं। लेखक इन उपहारों को कभी नहीं भूल पाया। इक्कीस साल बाद लोखन सिंह ने पत्र
लिखकर लेखक को सपरिवार इंफाल बुलाया था। लेखक बेहद खुश हुआ और उसने लोखन सिंह से मिलने
के लिए इंफाल जाने का निर्णय लिया।
मिट्टी की गाड़ी
मिट्टी
की गाड़ी नाटक का नायक चारूदत्त है
और वसंतसेना नायिका है। चारूदत्त की पत्नी का नाम द्यूता
है। चारूदत्त धनिकों की बस्ती में रहता है। व्यापार में घाटे
के कारण वह गरीब हो गया है।
वसंतसेना नाम की गणिका उसे प्रेम करती है। राजा का साला शंकर वसंतसेना को प्रेम करता है। चारूदत्त का एक पुत्र है। जिसके पास मिट्टी की गाड़ी है। उसके मित्रों के पास कीमती खिलौने हैं।
वसंतसेना के चारुदत्त के पास रखे गहने चोरी हो जाते हैं। द्यूता अपना कीमती हार वसंतसेना
के पास भिजवा देती है। चोरी का माल पकड़ा जाता है। वसंतसेना अपने गहने बच्चे की मिट्टी
की गाड़ी में भर देती है। शंकर वसंतसेना का गला दबा देता है और आरोप चारुदत्त पर लगा
देता है। चारुदत्त को वह फाँसी लगवाना चाहता है मगर तभी वसंतसेना वहाँ आ जाती है। जन
क्रांति होती है और शंकर पकड़ा जाता है। जनता अपना नया चरित्रवान राजा चुनती है।
शहरी जीवन
गाँव से लेखक अपने चाचाजी के घर दिल्ली आया। गाँव और शहर के रहन-सहन में उसने बहुत अंतर पाया । शहरों की जीवन शैली, भीड़-भाड़ और मंहगाई से उनके चाचाजी भी चिंतित थे। चाचा ने बताया कि किस तरह शहरों में महंगाई से नौकरी पेशा लोगों का जीना दूभर हो गया है। शहरों में सभी अपने आप में केंद्रित रहते हैं। एक पडोसी दूसरे पडोसी तक को नहीं जानता। दिल्ली की व्यस्त ज़िन्दगी देखकर लेखक समझ गया कि घर की समस्याओं , दफ्तर के काम, बसों की भीड़, प्रदूषित हवा आदि से शहरों में रहना कठिन हो गया है। शहरी लोग तनाव में रहने के कारण अनेक बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। इतने पर भी गाँव के लोग शहरों में आ रहे हैं क्योंकि शहरों में रोज़गार के अवसर अधिक हैं । लेखक का मन दिल्ली में नहीं लगा और दो दिन बाद ही वह अपने गाँव लौट आया ।
स्वामी विवेकानंद
हमारे देश में अनेक महापुरूषों ने जन्म लिया । स्वामी विवेकानंद इन्ही में से एक थे। बचपन में सभी उन्हें प्यार से नरेन कहते थे। वे बचपन से ही अत्यंत बुद्धिमान थे। उनकी स्मरण शक्ति बहुत तीव्र थी। स्वामी रामकृष्ण के उपदेशों से वे बहुत प्रभावित हुए। उनका विवेक जागृत हो गया और लोग उन्हें स्वामी विवेकानंद कहने लगे। शिकागो ( अमेरिका) में आयोजित विश्व धर्म महासभा में उन्होंने अपने भाषण की शुरुवात " अमेरिकावासी बहनों और भाइयों" से की तो सारा हाल तालियों से गूँज उठा। स्वामी विवेकानंद के जन्म दिवस को "युवक दिवस" के रूप में मनाया जाता है। यही हमारी स्वामी विवेकानंदजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
भूमंडलीकरण
भूमंडलीकरण से आज डर कर बचना संभव नहीं है। आज कोई भी देश अपने आप में सिमटकर नहीं रह सकता। स्वतंत्रता पाने के समय हम आर्थिक दृष्टि से बहुत पिछडे हुए थे। स्वतंत्रता के बाद उद्योगों को सरकारी सहायता दिए जाने पर भी देश की आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं हुआ। भूमंडलीकरण के बाद देश ने बहुत प्रगति की है। अब देश का चंहुमुखी विकास हो रहा है । भूमंडलीकरण के प्रभाव से विकसित देशों से विज्ञान और प्रोद्योगिकी के आदान-प्रदान से हमें फायदा होगा . जितने नए - नए उद्योग लगेंगे उतने ही रोज़गार के अवसर भी बढ़ेंगे। जितना उत्पादन बढेगा उतना निर्यात भी बढ़ेगा। इससे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आयात निर्यात पर नियंत्रण कम होने से देश के उद्योगों को लाभ होगा। आयातित सस्ते कच्चे माल से बने उत्पाद की बिक्री से ज्यादा लाभ होगा। स्पष्ट है कि भूमंडलीकरण के अनेक लाभ हैं।
श्रीनगर
श्रीनगर झेलम नदी के तट पर बसा हुआ बहुत सुन्दर शहर है। डल झील श्रीनगर का प्रमुख आकर्षण है। झील में बहुत से सुन्दर हॉउस बोट हैं। इनमें पर्यटकों को घर जैसी सारी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। छोटे आकार की लम्बी नावों को शिकारा कहते हैं। रंग-विरंगे फूल,सब्जियां और तरह-तरह की चीजों से लदे डल झील में तैरते शिकारे बहुत सुन्दर लगते हैं। श्रीनगर पर्यटन और हस्तशिल्प दोनों के लिए प्रसिद्द है। यहाँ लकड़ी तथा बर्तनों पर नक्काशी की जाती है। यह कपडों पर कश्मीरी कढाई और कालीन की बुनाई के लिए भी मशहूर है। यहाँ की पश्मीना और तोशा शालें विश्वविख्यात हैं। यहाँ सर्दी बहुत पड़ती है। कभी- कभी तापमान शून्य से नीचे चला जाता है। यहाँ के लोग मेहनती और मिलनसार हैं। कश्मीर घाटी की अनुपम सुन्दरता पर मोहित होकर फिरदौस ने इसे धरती का स्वर्ग कहा था।
अमर–आश्रम
किसी गाँव में एक धनी आदमी यहाँ एक पुत्र ने जन्म लिया। उसने उसका नाम "अमर" रखा। उसकी इच्छा थी कि पुत्र बड़ा होकर अच्छे काम कर अपना नाम अमर करे. अमर ने अपने पिता की इच्छा पूरी करने के अनेक उपाय किए । उसने कभी रेत पर अपना नाम लिखा तो कभी वृक्ष की छाल पर । कभी शिला पर तो कभी दीवार पर। लेकिन उसका कोई भी उपाय कारगर नहीं हुआ। अंततः वह एक संत के पास पहुंचा और अपने पिता की इच्छा बताई। संत ने उसे समझाया - " बच्चा , अपना नाम अमर करना है तो कोई ऐसा काम करो जिससे लोग तुम्हें हमेशा याद रखे।" अमर को एहसास हुआ कि लोगों की सेवा और भलाई करना ही सही रास्ता है। उसने जन सेवा करने का निर्णय लिया और अपने घर को आश्रम में बदल कर अपना पूरा जीवन जनसेवा में लगा दिया। उसका घर अमर-आश्रम के नाम से प्रसिद्ध हो गया. संत के बताये मार्ग पर चलकर उसने अपने पिता का सपना पूरा कर दिया।
प्राकृतिक आपदाएं
बाढ़, सूखा, भूकंप, ज्वालामुखी तथा तूफ़ान आदि प्राकृतिक आपदाएँ हैं । इनसे जानमाल की बहुत हानि होती है। प्राकृतिक आपदाओं के समय यातायात, संचार सेवाएँ ठप्प हो जाती हैं तथा घर- मकान गिर जाते हैं। इनसे जान-माल की हानि होती है. जंगलों की कटाई रोककर बाढ़ के खतरे को कम किया जा सकता है। भूकंप से बचाव के लिए भूकंपरोधी या लकडी से बने घरों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सुनामी आदि से बचाव के लिए समुद्र तटों पर सघन वृक्षारोपण किया जाना चाहिए। प्राकृतिक आपदाओं के समय सरकार तथा विभिन्न स्वयं सेवी संगठनों को भी आपदा-प्रबंधन के लिए सदा जागरूक रहना चाहिए। एक ओर प्रकृति मनुष्य का मित्र है तो दूसरी ओर अपने रौद्र रूप में शत्रु भी है। हमें ऐसी आपदाओं से बचाव के लिए सदा सावधान रहें.
यूनीसेफ़
विश्व भर में बच्चों के हितों के लिए कार्य करने वाली संस्था यूनीसेफ़ है। इसे संयुक्त राष्ट्र बाल निधि भी कहते हैं। भारत में यह संस्था सन १९४९ से कार्य कर रही है। यह संस्था विश्व भर के लिए बच्चों के विकास के लिए प्रयासरत है। विश्व के अधिकांश देश अपने बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए यूनीसेफ़ को अपनी सहमति दे चुके हैं। बच्चों में लिंग भेद को समाप्त कर यूनीसेफ़ उनके अच्छे स्वास्थ के लिए संतुलित आहार सुनिश्चित करवाती है तथा बच्चों को पेयजल, बुनियादी शिक्षा आदि की सुविधाएँ उपलब्ध करवाती हैं. इसके साथ-साथ बच्चों को शोषण एवं उत्पीडन से मुक्त करवाती है. यूनीसेफ़ बच्चों में दृष्टिहीनता , पोलियो निवारण के साथ घेंघा रोग, काली खांसी, गलघोंटू से बचाव के लिए विटामिन ए, आयोडीन तथा अन्य दवाइयाँ भी उपलब्ध करवाती हैं. इसप्रकार यूनीसेफ़ ऐसी संस्था है जो विश्व के सभी बच्चों की भलाई के लिए कार्यरत है.
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हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/24/2009 04:41:00 PM
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Oct 21, 2009
लक्षद्वीप की सैर - 2
-अजय मलिक
पहाड़ , झरने, नदियाँ ... वहाँ इन सब की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। छोटे से हवाई अड्डे या कि छोटी सी हवाई पट्टी के दोनों ओर हल्का नीला सागर हिलोरें ले रहा था। द्वीप पर हर ओर सफ़ेद बालू बिखरी हुई थी। ऐसी बालू जिसमें हाथ गंदे होने का कोई खतरा नहीं था। सागर का पारदर्शी निर्मल मगर खारा लहराता पानी... एक अजीब सा आकर्षण था उसमें , नज़रें बरबस ही दूर तक उठती चली जाती थीं।
सुबह के दस या ग्यारह बजे होंगे। कुल पंद्रह बीस यात्री थे। दस मीटर घूमकर हवाई अड्डे से बाहर गए और फिर से भीतर आ गए। पूछताछ करने पर पता चला कि आगे की यात्रा हेलीकाप्टर से पूरी होगी। अस्सी रूपए का टिकट मुझे भी मिल गया। हेलीकाप्टर आया और आठ-दस यात्रियों को लेकर उड़ गया। मुझे फिर थोड़ा डर सा लगने लगा ... पता नहीं ये हेलीकाप्टर मुझे क्यों छोड़ गया? किसी ने समझाया-"चिंता मत करो अभी पंद्रह मिनट में आ जाएगा। पर्यटकों को बंगारम छोड़कर फिर आप सब को कवरत्ती ले जाएगा।
मैं पहले से ही कवरत्ती जैसे अटपटे नाम से परेशान था। अब एक और टेढ़ा सा शब्द बंगारम ! हेलीकाप्टर का बोर्डिंग पास लेकर फिर से अन्दर आ गया। हेलीकाप्टर में एक यात्री के लिए मात्र 10 किलो सामान ले जाने की अनुमति थी। मेरे पास अस्सी-पिचासी किलो सामान था। मुझे परेशान होता देख किसी ने कहा - "घबराइए नहीं, अगर आज नहीं तो कल आपका सामान पहुँच जाएगा।" मेरे खादी के कुर्ते-पाजामे के बेतुकेपन को समझ कर एक गोरे-चिट्टे, बेहद स्मार्ट सज्जन पास आए और मेरा हालचाल-परिचय वगैरा पूछने लगे। मैंने बड़े ही संकोच के साथ अपना परिचय और हाले-दिल बयान किया। वे खिलखिलाकर हंस पड़े। फिर बोले-"आइए, सामान-वामान की चिंता छोड़िए।"
सुबह के दस या ग्यारह बजे होंगे। कुल पंद्रह बीस यात्री थे। दस मीटर घूमकर हवाई अड्डे से बाहर गए और फिर से भीतर आ गए। पूछताछ करने पर पता चला कि आगे की यात्रा हेलीकाप्टर से पूरी होगी। अस्सी रूपए का टिकट मुझे भी मिल गया। हेलीकाप्टर आया और आठ-दस यात्रियों को लेकर उड़ गया। मुझे फिर थोड़ा डर सा लगने लगा ... पता नहीं ये हेलीकाप्टर मुझे क्यों छोड़ गया? किसी ने समझाया-"चिंता मत करो अभी पंद्रह मिनट में आ जाएगा। पर्यटकों को बंगारम छोड़कर फिर आप सब को कवरत्ती ले जाएगा।
मैं पहले से ही कवरत्ती जैसे अटपटे नाम से परेशान था। अब एक और टेढ़ा सा शब्द बंगारम ! हेलीकाप्टर का बोर्डिंग पास लेकर फिर से अन्दर आ गया। हेलीकाप्टर में एक यात्री के लिए मात्र 10 किलो सामान ले जाने की अनुमति थी। मेरे पास अस्सी-पिचासी किलो सामान था। मुझे परेशान होता देख किसी ने कहा - "घबराइए नहीं, अगर आज नहीं तो कल आपका सामान पहुँच जाएगा।" मेरे खादी के कुर्ते-पाजामे के बेतुकेपन को समझ कर एक गोरे-चिट्टे, बेहद स्मार्ट सज्जन पास आए और मेरा हालचाल-परिचय वगैरा पूछने लगे। मैंने बड़े ही संकोच के साथ अपना परिचय और हाले-दिल बयान किया। वे खिलखिलाकर हंस पड़े। फिर बोले-"आइए, सामान-वामान की चिंता छोड़िए।"
मैं उनके साथ ही हेलीकाप्टर में बैठ गया। मेरा सामान आदि कैसे अपने आप लदा, इसका बयान करने की जरूरत नहीं है। सागर की अथाह गहराइयों का अहसास कराने वाला नज़ारा दिखाता हुआ हेलीकाप्टर हमें तीर की तरह उड़ा ले चला। रास्ते में उन्होंने अपना पूरा परिचय दिया- " मेरा नाम के.के.शर्मा है, मैं यहाँ कलेक्टर-कम-डिवेलपमेंट कमिश्नर हूँ।"
मैं हैरान रह गया...
पंद्रह मिनट में हम लोग कवरत्ती पहुँच गए। शर्मा जी की जीप में मुझे और मेरे सामान को भी जगह मिल गई थी। उन्होंने मुझे सर्किट हाउस में उतार दिया और वहां रहने का प्रबंध भी करा दिया। सब कुछ अपने आप होता जा रहा था।
नारियल के पेड़ों की छाँव में छोटी छोटी पगडंडियों से चलते हुए कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था। जो भी मिलता हल्की सी मुस्कान पीछे छोड़ जाता। शाम को चलते-चलते दूर निकल आया था। कहीं से बड़े-बड़े इंजिनों के चलने की आवाज आ रही थी। मैं उसी दिशा आगे बढ़ गया । पास जाने पर देखा - बिजली के जेनरेटर चल रहे थे। उस छोटे से गांवनुमा कसबे में जिसे लक्षद्वीप की राजधानी या सचिवालय कहा जाता था, विद्युत आपूर्ति इन्हीं जनरेटरों से होती थी। शाम होने को थी इसलिए मैं लौटने लगा। रास्ता और पगडंडियाँ कुछ नई सी लग रही थीं। मैं रास्ता भटक गया था। मैं चलता गया और आधे घंटे में ऐसी जगह पहुँच गया जहां से सर्किट हाउस साफ़ नज़र आ रहा था। वास्तविकता ये थी कि पहाड़, झरने, नदियों से अछूता यह टापू केवल इतना ही बड़ा था कि तेज चलते हुए मात्र दो घंटे में इसकी परिक्रमा की जा सकती थी। उस समय वहां की कुल आबादी मात्र सात या आठ हजार थी। पूरे टापू पर कौआ या कुत्ता कहीं नज़र नहीं आया था। केवल दो ही ऐसी इमारतें थीं जो दो मंजिला थीं। न कोई सिनेमा, न थियेटर... चाय की एक दो दुकाने जो नारियल के खपच्चों पर टाँगी गई चादर के नीचे मिल्क पाउडर से बनी चाय, कांच के बेहद तंग गिलास में उपलब्ध कराती थीं. अगले दिन मैं सबसे बड़ी दो मंजिला इमारत में ...
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10/21/2009 07:23:00 PM
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प्रबोध - प्रश्न पत्र - द्वितीय
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10/21/2009 12:00:00 PM
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प्रबोध - प्रथम - प्रश्न पत्र
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10/21/2009 09:03:00 AM
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Oct 20, 2009
लक्षद्वीप की सैर - 1
-अजय मलिक
1989 अगस्त,16, मुझे मद्रास आए साढ़े तीन महीने हो चुके थे। दिल्ली की यादें पीछा छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहीं थीं और मैं दिल्ली से दूर-बहुत दूर चला जाना चाहता था. मद्रास से भी हजारों मील दूर। तीन महीनों में कई ऐसे लोग मिले जो मित्र लगते थे । उस समय मित्र लगना मुझे पक्के दोस्त होना लगता था पर आज यही कहना उपयुक्त रहेगा कि वे बहुत अच्छे दोस्त लगते थे - राकेश, चित्रा, पूर्णिमा, नरेश, विजया और उषा भी। इन सबसे प्रीति सी महसूस होती थी मगर दिल्ली के दिलजले को सबसे दूर भाग जाने का मन था। खादी का कुछ-कुछ गेरुए रंग का कुर्ता और सफ़ेद पाजामा , यही मेरा पहनावा होता था। गाजियाबाद से चलते हुए पिताजी ने एक बड़ा सा वीआइपी सूटकेस खरीद दिया था। उसी सूटकेस में मैंने सारे बर्तन भर दिए थे - साथ में तवा, चिमटा, भगोना वगैरा भी। एक कार्टून में लगभग पचास किलो किताबें भर दी थीं।
मद्रास सेंट्रल पर कोचिन हार्बर टर्मिनस तक जाने वाली रेलगाड़ी में बैठा हुआ मैं अपने जीवन का बहुत बड़ा ख्वाब पूरा होने का इंतजार कर रहा था। गाड़ी रवाना होने से पंद्रह मिनट पहले मुझे टेपरिकार्डर थमा दिया गया और बस एक हज़ार एक सौ रूपए की फरमाइस की गई। मैंने रूपए चुकता कर दिए और रेलगाड़ी चल पड़ी। यह घटना भी मेरे जीवन के बड़े हादसों में से एक थी। वातानुकूलित डिब्बे में यह मेरे जीवन की पहली यात्रा थी।
मद्रास की बेहद उमस भरी गर्मी से शुरू हुए इस सफ़र की समाप्ति से करीब तीन घंटे पहले जब आँख खुली तो खिड़की के बाहर पानी की बूदें झरती सी लगीं । दरवाजे पर जाकर देखा तो जहां तक नज़र गई चारों और बड़े-बड़े हरे पत्तों से सारा मैदान अटा हुआ लगा। हरे सख्त पत्तों पर गिरती हुई पानी की तेज बौछारों को देखकर एक अद्भुत सी परिपूर्णता का आभास हुआ। अजीब सा सुकून जिसे व्यक्त कर पाना आज भी संभव नहीं है। वह आनंद था या आत्मविभोरता मैं नहीं जानता। केरल की गीली धरती पर कदम रखने का यह मेरा पहला अवसर था। एरणाकुलम के आगे डिब्बे में मेरे अलावा और कोई यात्री नहीं था।
शायद कविता नाम था उस लाज का...मुझे वहां दो दिन रुकना था क्योंकि आगे की यात्रा के लिए तीसरे दिन ही वायुदूत की उड़ान थी। इन दो दिनों में मुझे आगे की यात्रा के लिए परमिट भी लेना था। मलयालम का एक शब्द तक नहीं आता था और अंग्रेजी बोलने का अभ्यास नहीं था। लाज में नहा-धोकर टेपरिकार्डर चलाया लेकिन उससे गाने की जगह खिचर-खिचर जैसी आवाज़ आने लगी। मैं समझ गया लपेटने वाले ने मुझे ग्यारह सौ रूपए में कबाड़ थमा दिया था। मेरे तब तक के जीवन का बहुत बड़ा सपना चूर-चूर हो चुका था। पगार (वेतन ) सिर्फ दो हजार के आसपास मिलती थी।
किसी तरह पूछताछ कर लक्षद्वीप प्रशासन के दफ्तर का पता लगाया और दो दिन में परमिट ले लिया। एक फिल्म भी शायद कोचिन में देखी थी जिसका नाम अब याद नहीं है। तीसरे दिन एक आटोरिक्शा में तवे-चिमटे वाला सूटकेस और किताबों का कार्टून रख कर कोचिन हवाई अड्डे पहुंचा। सामान का वज़न निर्धारित सीमा से चार गुना ज्यादा था जिसके अतिरिक्त पैसे देने पड़े। हवाई यात्रा के जोश में सब कुछ अच्छा लग रहा था।
वह चालीस या पैंतालीस सीटों वाला विमान था। एक सवा घंटे की वह पहली हवाई यात्रा भुलाए नहीं भूलती। आँखों में कई तरह के ख्वाब तैर रहे थे। लक्षद्वीप के बारे में केवल कल्पना ही कर सकता था... कुछ पहाड़ होंगे, कुछ झरने, कुछ नदियाँ वगैरा। विमान जब उतरने लगा तो देखा नीचे एक लम्बी सी हरी पट्टी भर है, शुरू में चने के पौधे जैसे लग रहे नारियल के पेड़ धीरे-धीरे साफ़ नज़र आने लगे। हवाई अड्डे पर वीरानी थी या सन्नाटा, यह बता पाना कठिन है। यह अगत्ती द्वीप था। मुझे कवरत्ती जाना था मगर चारों और समुद्र के अलावा कुछ नहीं था। आगे कैसे जाना होगा इसकी कोई जानकारी मुझे नहीं थी। अब मुझे पहली बार कुछ घबराहट सी महसूस हो रही थी। पहाड़, झरने, नदिया ....
मद्रास की बेहद उमस भरी गर्मी से शुरू हुए इस सफ़र की समाप्ति से करीब तीन घंटे पहले जब आँख खुली तो खिड़की के बाहर पानी की बूदें झरती सी लगीं । दरवाजे पर जाकर देखा तो जहां तक नज़र गई चारों और बड़े-बड़े हरे पत्तों से सारा मैदान अटा हुआ लगा। हरे सख्त पत्तों पर गिरती हुई पानी की तेज बौछारों को देखकर एक अद्भुत सी परिपूर्णता का आभास हुआ। अजीब सा सुकून जिसे व्यक्त कर पाना आज भी संभव नहीं है। वह आनंद था या आत्मविभोरता मैं नहीं जानता। केरल की गीली धरती पर कदम रखने का यह मेरा पहला अवसर था। एरणाकुलम के आगे डिब्बे में मेरे अलावा और कोई यात्री नहीं था।
शायद कविता नाम था उस लाज का...मुझे वहां दो दिन रुकना था क्योंकि आगे की यात्रा के लिए तीसरे दिन ही वायुदूत की उड़ान थी। इन दो दिनों में मुझे आगे की यात्रा के लिए परमिट भी लेना था। मलयालम का एक शब्द तक नहीं आता था और अंग्रेजी बोलने का अभ्यास नहीं था। लाज में नहा-धोकर टेपरिकार्डर चलाया लेकिन उससे गाने की जगह खिचर-खिचर जैसी आवाज़ आने लगी। मैं समझ गया लपेटने वाले ने मुझे ग्यारह सौ रूपए में कबाड़ थमा दिया था। मेरे तब तक के जीवन का बहुत बड़ा सपना चूर-चूर हो चुका था। पगार (वेतन ) सिर्फ दो हजार के आसपास मिलती थी।
किसी तरह पूछताछ कर लक्षद्वीप प्रशासन के दफ्तर का पता लगाया और दो दिन में परमिट ले लिया। एक फिल्म भी शायद कोचिन में देखी थी जिसका नाम अब याद नहीं है। तीसरे दिन एक आटोरिक्शा में तवे-चिमटे वाला सूटकेस और किताबों का कार्टून रख कर कोचिन हवाई अड्डे पहुंचा। सामान का वज़न निर्धारित सीमा से चार गुना ज्यादा था जिसके अतिरिक्त पैसे देने पड़े। हवाई यात्रा के जोश में सब कुछ अच्छा लग रहा था।
वह चालीस या पैंतालीस सीटों वाला विमान था। एक सवा घंटे की वह पहली हवाई यात्रा भुलाए नहीं भूलती। आँखों में कई तरह के ख्वाब तैर रहे थे। लक्षद्वीप के बारे में केवल कल्पना ही कर सकता था... कुछ पहाड़ होंगे, कुछ झरने, कुछ नदियाँ वगैरा। विमान जब उतरने लगा तो देखा नीचे एक लम्बी सी हरी पट्टी भर है, शुरू में चने के पौधे जैसे लग रहे नारियल के पेड़ धीरे-धीरे साफ़ नज़र आने लगे। हवाई अड्डे पर वीरानी थी या सन्नाटा, यह बता पाना कठिन है। यह अगत्ती द्वीप था। मुझे कवरत्ती जाना था मगर चारों और समुद्र के अलावा कुछ नहीं था। आगे कैसे जाना होगा इसकी कोई जानकारी मुझे नहीं थी। अब मुझे पहली बार कुछ घबराहट सी महसूस हो रही थी। पहाड़, झरने, नदिया ....
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10/20/2009 11:20:00 PM
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Oct 19, 2009
नेट के तार टूटे थे
ठीक दिवाली के दिन नेट के तार तार-तार हो गए। आज शाम फ़िर से जोड़े गए हैं । कुछ तार और हैं जो थोड़ा वक्त लेंगे सुलझने में। उसके बाद ही फ़िर से बात बन पाएगी। तब तक आधा-अधूरा ही चलेगा सब कुछ।
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10/19/2009 08:39:00 PM
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Oct 17, 2009
सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं .
लक्ष्मी जी का हाथ होमाँ सरस्वती का साथ हो
गणपति निवास हो
माँ दुर्गा के आशीर्वाद से
सब के जीवन में
प्रकाश ही प्रकाश हो।
(पोर्ट ब्लेयर से हरिदास चट्टोपाध्याय)
.
रंग बिरंगी फुलझडियों संग
मस्त दीवाली आई
दीप-दिवस की धूम-धाम पर
सबको मेरी बधाई
(दिल्ली से एक मित्र के0 टी0 कुमार )
.
इस दीवाली पर बस मांगें यही दुआएं
चिराग हम जलाएं
रोशनी जग भर में फैलाएं
आप भी जगमगजग हो जाएँ।
(विशाखापत्तनम से ए0 के0 त्रिवेदी )
.
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10/17/2009 10:35:00 AM
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Oct 12, 2009
और बहुमत अन्याय के साथ है
-- अजय मलिक
.
अन्याय के विरूद्व लड़ते हुए
अब मैं रोज
स्वयं अपने साथ
अन्याय करने लगा हूँ.
.
इस लड़ाई में
मैं सिर्फ़ अल्पमत में ही नहीं, बल्कि
नितांत अकेला पड़ गया हूँ.
अन्याय सहने वाले सभी
विपक्ष में हैं
और बहुमत अन्याय के साथ है.
.
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10/12/2009 09:20:00 PM
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मैं काँटों को भी दर्द का अहसास कराना चाहता हूँ
(अजय मलिक की एक कविता )
.
जी हाँ ,
काँटे बोता हूँ मैं
और अंकुरित होने पर
सींचता भी हूँ उन्हें खूब
और मालूम है
उनके उग आने पर
चलता भी हूँ उन पर खूब।
.
फिर-फिर सींचता हूँ उन्हें
और काँटों की प्यास बुझने पर
अपने रक्त रंजित पैरों के ज़ख्मों को
सहलाता भी हूँ
मुस्कुराते हुए।
.
फिर एक-एक कर सारे काँटों को
संभालकर निकालता हूँ
मरहम लगाने से मुझे भी
चैन मिलता है
मगर काँटों को बुरा लगता है।
.
मगर पाँव ठीक होने पर जब मैं
फिर से काँटे बोता हूँ
फिर से वही सब दोहराता हूँ
तो हर बार मेरे पाँवों से
रक्त बह जाता है
और दर्द रह जाता है।
.
पता नहीं काँटों को
खून में मिले दर्द को पीने में
मज़ा क्यूं नहीं आता ?
पर मैं काँटों को भी दर्द का अहसास कराना चाहता हूँ।
जाने क्यूं...
जाने क्यूं?
.
.
जी हाँ ,
काँटे बोता हूँ मैं
और अंकुरित होने पर
सींचता भी हूँ उन्हें खूब
और मालूम है
उनके उग आने पर
चलता भी हूँ उन पर खूब।
.
फिर-फिर सींचता हूँ उन्हें
और काँटों की प्यास बुझने पर
अपने रक्त रंजित पैरों के ज़ख्मों को
सहलाता भी हूँ
मुस्कुराते हुए।
.
फिर एक-एक कर सारे काँटों को
संभालकर निकालता हूँ
मरहम लगाने से मुझे भी
चैन मिलता है
मगर काँटों को बुरा लगता है।
.
मगर पाँव ठीक होने पर जब मैं
फिर से काँटे बोता हूँ
फिर से वही सब दोहराता हूँ
तो हर बार मेरे पाँवों से
रक्त बह जाता है
और दर्द रह जाता है।
.
पता नहीं काँटों को
खून में मिले दर्द को पीने में
मज़ा क्यूं नहीं आता ?
पर मैं काँटों को भी दर्द का अहसास कराना चाहता हूँ।
जाने क्यूं...
जाने क्यूं?
.
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हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/12/2009 08:54:00 PM
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Oct 10, 2009
उपसंस्थानों के लिए निर्धारित लक्ष्य (वर्ष 2009-10)
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हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/10/2009 07:24:00 PM
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केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान/ उपसंस्थानों के बारे जानकारी
कई मित्रों ने केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान के बारे में जानकारी देने का अनुरोध किया है । यह जानकारी राजभाषा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है तथा वेबसाइट का लिंक हम पहले ही ब्लॉग पर दे चुके हैं। फ़िर भी सुविधा के लिए हम इससे संबंधित राजभाषा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध अद्यतन जानकारी यहाँ दे रहे हैं -
Central Hindi Training Institute/Hindi Teaching Scheme
Hindi Training Programmes
Under the aegis of the Hindi Teaching Scheme and the Central Hindi Training Institute working as a subordinate office of the Deptt. of Official Language, Ministry of Home Affairs. Govt. of India , there are three type of training programmes e.i. Hindi Language, Hindi Typing and Hindi Stenography are being run throughout the country. Hindi training is being imparted to the Central government employees, as well as, to the Private Sector under takings.
The training is being imparted through full time centres, as well as, through part time centers.
Types of training programmes
There are four type of courses being implemented under the scheme :-
1. In service training {Through full time and part time training centers}.
2. Correspondence courses of Hindi language and Hindi typing.
3. Intensive courses of Hindi lanuage/Hindi Typing and Hindi Stenography of short duration.
4. Self learning through web by software packages of Leela Probodh, Leela Praveen and Leela Pragya.
Regional Offices and Sub Institutes
There are five regional offices of Hindi Teaching Scheme located at Delhi , Mumbai, Kolkata, Chennai and Guwahati and also, Five Sub training institutes located at Mumbai, Kolkata, Banglore, Chennei and Hydrabad.
Status of Hindi training centres
At present, there are 118 Hindi Language full time training centre, 14 part time Hindi Language centres, 22 full time Hindi typewriting and stenography centres 21 part-time centres. Thus total there are 175 training centres.
New Dimensions
1. To fulfill the increasing demand of Hindi training of the North Eastern region a New regional head quarter has been established at Guwahati and new Hindi training centres have been established at: Imphal, Aizole and Agartala.
2. Almost all the typing/Stenography centers have been computerized.
3. The rewritten Prabodh Course is being taught from January, 2006 in the Intensive Training Programme of CHTI/Sub Institute and Hindi Teaching Scheme.
4. The rewritten Praveen Course is being taught from Jan., 2009 in the Intensive Training Programme of CHTI/Sub Institute and Hindi Teaching Scheme.
5. Further, Printing of rewritten Pragya Course is under process. It will be started in due course.
6. To bring transparancy in the training programmes the annual calender of training programmes, as well as, result of all the Hindi examinations have been made available on the web.
(दिनांक: 10-10-2009 rajbhasha.gov.in पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार)
Central Hindi Training Institute/Hindi Teaching Scheme
Hindi Training Programmes
Under the aegis of the Hindi Teaching Scheme and the Central Hindi Training Institute working as a subordinate office of the Deptt. of Official Language, Ministry of Home Affairs. Govt. of India , there are three type of training programmes e.i. Hindi Language, Hindi Typing and Hindi Stenography are being run throughout the country. Hindi training is being imparted to the Central government employees, as well as, to the Private Sector under takings.
The training is being imparted through full time centres, as well as, through part time centers.
Types of training programmes
There are four type of courses being implemented under the scheme :-
1. In service training {Through full time and part time training centers}.
2. Correspondence courses of Hindi language and Hindi typing.
3. Intensive courses of Hindi lanuage/Hindi Typing and Hindi Stenography of short duration.
4. Self learning through web by software packages of Leela Probodh, Leela Praveen and Leela Pragya.
Regional Offices and Sub Institutes
There are five regional offices of Hindi Teaching Scheme located at Delhi , Mumbai, Kolkata, Chennai and Guwahati and also, Five Sub training institutes located at Mumbai, Kolkata, Banglore, Chennei and Hydrabad.
Status of Hindi training centres
At present, there are 118 Hindi Language full time training centre, 14 part time Hindi Language centres, 22 full time Hindi typewriting and stenography centres 21 part-time centres. Thus total there are 175 training centres.
New Dimensions
1. To fulfill the increasing demand of Hindi training of the North Eastern region a New regional head quarter has been established at Guwahati and new Hindi training centres have been established at: Imphal, Aizole and Agartala.
2. Almost all the typing/Stenography centers have been computerized.
3. The rewritten Prabodh Course is being taught from January, 2006 in the Intensive Training Programme of CHTI/Sub Institute and Hindi Teaching Scheme.
4. The rewritten Praveen Course is being taught from Jan., 2009 in the Intensive Training Programme of CHTI/Sub Institute and Hindi Teaching Scheme.
5. Further, Printing of rewritten Pragya Course is under process. It will be started in due course.
6. To bring transparancy in the training programmes the annual calender of training programmes, as well as, result of all the Hindi examinations have been made available on the web.
(दिनांक: 10-10-2009 rajbhasha.gov.in पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार)
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हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/10/2009 07:18:00 PM
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Oct 9, 2009
:: फूल कौन दूसरा गुलाब के समान है? ::
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हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/09/2009 01:38:00 PM
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:: सूर्यास्त, पारादीप समुद्र तट से ::
Posted by:AM/PM
हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/09/2009 01:34:00 PM
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:: विश्व-शान्ति स्तूप, वैशाली ::
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हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/09/2009 01:29:00 PM
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:: सेल्युलर जेल, पोर्ट ब्लेयर, अंडमान ::
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हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/09/2009 01:26:00 PM
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:: दार्जिलिंग से कंचनजंगा ::
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हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/09/2009 01:23:00 PM
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Oct 8, 2009
सामान्य बोलचाल की हिंदी के कुछ पाठ
इस लिंक से आप को हिंदी पढ़ने, सुनने और समझने में आसानी होगी। दिन-प्रतिदिन के प्रयोग में आने वाली शब्दावली और सामान्य हिंदी वाक्यों के दस पाठ निशुल्क उपलब्ध हैं।
click the link below-Greetings - Learn Hindi with L-Ceps ...
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हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/08/2009 09:43:00 PM
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पटना नराकास की बैठक में मंत्र राजभाषा एवं गूगल ट्रांसलेट का प्रदर्शन करते हुए अजय मलिक
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10/08/2009 05:36:00 PM
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हिंदी का क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन पुदुचेरी में
पुदुचेरी तथा लक्षद्वीप सहित दक्षिण के चारों राज्यों में स्थित केंद्रीय सरकार के कार्यालयों, उपक्रमों, बैंकों आदि में संघ की राजभाषा हिंदी में सराहनीय कार्य करने वालों को पुरस्कृत करने के लिए हिंदी का क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन इस बार पुदुचेरी में 09 अक्टूबर, 2009 को आयोजित किया जा रहा है। जिपमेर में आयोजित हो रहे इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री अजय माकन द्वारा पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। इस अवसर पर गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के सचिव श्री (डॉ0) प्रदीप कुमार, संयुक्त सचिव श्री डी0 के0 पाण्डेय एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहेंगे। लगभग ग्यारह वर्ष पूर्व पांडिचेरी में पहला क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन आयोजित हुआ था।
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हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/08/2009 10:50:00 AM
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शिलांग झील :: फोटो : अजय मलिक
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10/08/2009 10:47:00 AM
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Oct 7, 2009
गूगल ट्रांसलेट की एक और सुविधा
गूगल ट्रांसलेट ने वेब पेज के अनुवाद के साथ एक और सुविधा दी है । अनुवाद के बाद अनुदित पेज के जिस भी वाक्य पर आप कर्सर ले जाएंगे उसका मूल पाठ भी साथ में दिखाई देगा। उदाहरण के लिए 'हिंदी सबके लिए' का गूगल ट्रांसलेट से अंग्रेज़ी अनुवाद करने पर अनुदित अंग्रेज़ी पृष्ठों के जिस भी वाक्य पर आप कर्सर ले जाएंगे उसका मूल हिंदी पाठ भी साथ-साथ दिखाई देगा ।
Oct 6, 2009
गुज़रा हुआ ज़माना : सोनीपत में विज्ञान अध्यापिकी का वह दौर -अजय मलिक
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10/06/2009 07:25:00 PM
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प्रबोध पाठमाला आधारित संक्षिप्त निबंध/पाठ सार
TEXTUAL ESSAYS
यहाँ दी गई सामग्री केवल प्रबोध के प्रशिक्षुओं तथा परीक्षा को ध्यान में रखकर मूल रूप में श्रीमती चित्रा कृष्णन द्वारा तैयार की गई है ।
यहाँ दी गई सामग्री केवल प्रबोध के प्रशिक्षुओं तथा परीक्षा को ध्यान में रखकर मूल रूप में श्रीमती चित्रा कृष्णन द्वारा तैयार की गई है ।
- प्रतिभा मलिक
त्योहार
भारत त्योहार प्रधान देश है। सभी धर्मों के लोग बड़े उत्साह से त्योहार मनाते हैं। एक-दूसरे को शुभकामनाएं और उपहार देते हैं। अमीर लोग गरीबों को दान देते हैं। त्योहार जीवन में भाईचारा, उमंग और नवीनता लाते हैं। 'दीवाली’ हिंदुओं, ‘क्रिसमस’ ईसाइयों और 'ईद’ मुसलमानों का मुख्य त्योहार है। 'पोंगल और 'बैसाखी कृषि से संबंधित त्योहार हैं। होली वसंत के आगमन का त्योहार है।
भारत देश
भारत एक विशाल देश है। इसके तीन ओर समुद्र है और उत्तर में हिमालय है। पाकिस्तान, बंगलादेश, चीन, नेपाल, भूटान, बर्मा और श्रीलंका हमारे पडोसी देश हैं। इसमें 28 राज्य और 7 केन्द्र शासित प्रदेश हैं। दिल्ली भारत की राजधानी है। क्षेत्र की दृष्टि से राजस्थान सबसे बड़ा और गोवा सबसे छोटा राज्य है। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा आबादी है। सिक्किम में सबसे कम आबादी है।
भारत में कई नदियाँ हैं। गंगा सबसे बड़ी नदी है। भारत में लगभग 650 भाषाएं बोली जाती हैं। चेरापूँजी में सबसे अधिक वर्षा होती है। रामागुंडम सबसे गर्म स्थान है। भारत विविधता का देश है। इसलिए यहाँ अनेकता में एकता है।
पर्यावरण
पर्यावरण का अर्थ है अपने चारों ओर का वातावरण। पर्यावरण को हम लोग ही खराब करते हैं। जब पर्यावरण दूषित हो जाता है तब उसे प्रदूषण कहते हैं। प्रदूषण मुख्यतः तीन प्रकार का है - वायु, ध्वनि , और जल। पर्यावरण को साफ़ न रखने से या गंदा पानी पीने से पीलिया, हेपटाइटिस, मलेरिया आदि बीमारियाँ फैल सकती हैं। हमें प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल भी कम करना चाहिए क्योंकि प्लास्टिक कभी नष्ट नहीं होता और बरसों तक ऐसे ही रहता है।
आतिथ्य
रतनपुर
गाँव में रामदीन अपने परिवार के साथ रहता है। उसके बेटे का नाम किसन और किसन की पत्नी
का नाम सुशीला है। सुशीला बहुत गुणवती और बुद्धिमान है। रामदीन के घर के सामने एक नीम
का पेड़ है। वहाँ से आने जाने वाले लोग नीम के पेड़ के नीचे विश्राम करते हैं। एक दिन
वहाँ तीन महिलाएँ बिना खाए-पिए बैठी मिलती हैं। उन महिलाओं के नाम भाग्यलक्ष्मी,
समृद्धि और शांति हैं। सुशीला की सास उन तीनों को भोजन के लिए आमंत्रित करने के लिए
कहती है। वे तीनों महिलाएँ एक साथ नहीं आ सकती हैं इसलिए सबकी राय से सुशीला शांति
को बुलाती है। शांति के पीछे समृद्धि और भाग्यलक्ष्मी भी आ जाती हैं। इससे शिक्षा मिलती
है कि संतोष ही सबसे बड़ा धन है।
बिहू पर्व
बिहू असम का मुख्य त्योहार है। वर्ष में तीन बार बिहू मनाया जाता है। पहला 'कंगाली बिहू' है।यह कार्तिक मास में मनाया जाता है। इस दिन तुलसी का पौधा लगाते हैं और अच्छी फसल की प्रार्थना करते हैं। 'भोगाली बिहू' नई फसल के कटने पर मनाया जाता है। पीठा नामक मिठाई बनाते हैं।धान के सूखे पौधों से ' भेला घर' बनाते हैं। सभी मिलकर नाचते-गाते और खाते-पीते हैं। फिर भेला घर को आग लगा देते हैं। 'बोहागी के समय युवक - युवतियाँ नाचते हैं और इसी समय विवाह भी तय किए जाते हैं। परिचितों को 'गमछा देते हैं । बिहू पर्व भारत की भावनात्मक एकता का प्रतीक है।
स्वदेशी और स्वभाषा के जनक गॉंधी जी
गॉंधीजी ने रंगभेद और अन्याय और अत्याचार का विरोध किया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया। गॉंधीजी और उनके अनुनायी इसके लिए कई बार जेल गए। जेल में ही उन्होंने पाया कि हिंदी ही भिन्न - भिन्न भाषा-भाषियों को जोड़ सकती है। देशवासियों का पैसा बचाने के लिए उन्होंने चर्खे पर सूत कातना आरंभ किया। उससे लोगों को रोजगार मिला, स्वाभिमान जागा। उनका विचार था कि स्वदेशी और स्वभाषा के प्रति सम्मान का भाव ही इस अमूल्य स्वतंत्रता को बनाए रख सकता है ।
हिंदी का महत्व
मनुष्य भाषा से ही अपने विचारों को व्यक्त करता है। समाज को एकता के सूत्र में बाँधने का कार्य भाषा करती है। हिंदी देवनागरी लिपि में लिखी जाती है। हिंदी ऐसी भाषा है जो आसानी से बोली और समझी जाती है। हिंदी अपनी शब्द संख्या बढ़ाने के लिए मुख्य रुप से संस्कृत से शब्द लेती है। बोलने वालों की संख्या के आधार पर हिंदी का विश्व में तीसरा स्थान है। संविधान के अनुच्छेद 343 में हिंदी को ही संघ सरकार के कामकाज की भाषा माना गया है।
पाँच प्रश्न
एक बार बादशाह अकबर दरबारियों की बुद्धि परीक्षा लेना चाहते थे। अत: उन्होंने पाँच प्रश्न किए। वे प्रश्न थे :-सबसे सुंदर फूल कौन सा है? किसका दूध सबसे पौष्टिक होता है? सबसे मीठी चीज़ क्या है? सबसे अच्छा पत्ता कौन सा है? सर्वश्रेष्ठ राजा कौन है? दरबारियों ने बादशाह को खुश करने के लिए तरह-तरह के जवाब दिए। किन्तु बीरबल चुप रहे। सबके उत्तर देने के बाद बीरबल ने जवाब दिया - कपास का फूल,जिससे कपड़ा बनता है, सबसे सुंदर है। माँ का दूध ही सर्वश्रेष्ठ होता है। वह ज़बान जिससे मीठे शब्द निकलते हैं -सबसे मीठी है। पान जो पूजा और स्वागत में काम आता है वही सर्वश्रेष्ठ पत्ता है। इंद्र जो बारिश से जीवनदान देते हैं वही सर्वश्रेष्ठ राजा हैं। उनके बुद्धिमत्तापूर्ण जवाब सुनकर अकबर खुश हो गए।
जयपुर की सैर
पिछले महीने लेखक सपरिवार जयपुर की सैर पर गए। जयपुर एक सुंदर जगह है। जयपुर से लगभग 14 किमी की दूरी पर आमेर का किला है। यह बहुत पुराना, सुंदर और बड़ा किला है। आमेर में शीशमहल देखने लायक है। शीशमहल के पास ही देवी का मंदिर है। मंदिर के पास बाज़ार है। हवामहल काफी सुंदर इमारत है। हवामहल के पास ही जंतर-मंतर है। यहॉं एक वेधशाला है। इसका निर्माण राजा जयसिंह ने किया।
रामनिवास बाग में कला संग्रहालय है। वहॉं सुंदर कलाकृतियॉं हैं। यहॉं जयपुर के राजा-महाराजाओं के कपड़े, अस्त्र -शस्त्र और चित्र हैं। राजस्थान को पहले राजपुताना कहा जाता था। राजस्थान अतिथि - सत्कार के लिए जाना जाता है। चौकी ढाणी राजस्थानी जीवन शैली का जीता जागता उदाहरण है।
मुम्बई एक सुंदर महानगर है। यहॉं ऊंची -ऊंची इमारतें, समुद्रतट तथा सुंदर पार्क भी हैं। मुंबई में जून से अगस्त माह तक खूब बारिश होती है। बारिश अधिक होने पर रेलवे लाइन पर पानी भर जाता है। बसें धीरे धीरे चलती हैं। खूब असुविधा होती है, फिर भी लोग इस मौसम का आनंद उठाते हैं।
बारिश के दिनों में लोग पिकनिक पर जाते हैं। हाजी अली , जुहू बीच, चौपाटी का समुद्रतट, महालक्ष्मी का मंदिर आदि पर्यटन स्थल हैं। समुद्रतट पर होनेवाले सूर्यास्त का दृश्य अद्भुत होता है। इसे देखने बहुत से लोग आते हैं।
GENERAL ESSAY
मेरा शहर
चेन्नै बहुत बड़ा और सुन्दर शहर है। यह तमिलनाडू प्रांत की राजधानी है। यहॉं अनेक मंदिर और कार्यालय हैं । मेरिना बीच यहाँ का सुंदर समुद्रतट है। चेन्नै की बस सेवा बहुत अच्छी है। चेन्नै सेंट्रल स्टेशन यहॉं का बड़ा स्टेशन है। यहॉं हवाई अड्डा तथा बहुत बड़ा बंदरगाह भी है। चेन्नै के आसपास महाबलीपुरम, कॉंचीपुरम आदि ऐतिहासिक स्थल हैं।
दीवाली हिंदुओं का मुख्य त्यौहार है। यह अक्टूबर या नवंबर के महीने में मनाई जाती है। इस दिन सभी लोग नए कपड़े पहनते हैं , आतिशबाजी करते हैं, एक दूसरे को मुबारकबाद देते हैं। सभी घरों में मिठाई बॉंटी जाती है। शाम को लक्ष्मी पूजन किया जाता है। व्यापारी लोग नए बही खाता खोलते हैं। उत्तर भारत के लोग दीप जलाकर इस त्योहार को मनाते हैं। उनका मानना है कि इसी दिन भगवान श्रीराम वनवास से लौटे थे।दीवाली खुशियों का त्योहार है।
मैं बी एस़ एऩ एल में काम करता हूँ यहॉं लगभग 400 कर्मचारी काम करते हैं। मेरा कार्यालय काफी बड़ा, साफ़ और सुंदर है। कार्यालय के कर्मचारी मेहनती हैं। चेन्नै के हर क्षेत्र में मेरे कार्यालय की शाखाएं हैं। शहर के लोगों को संचार के माध्यम से एक दूसरे से जोड़ना हमारे कार्यालय का काम है। कार्यालय के कर्मचारियों के लिए एक पुस्तकालय, कैंटीन, डाकघर, भंडार, शिशुविहार आदि है। मुझे अंपना कार्यालय बहुत पसंद है।
मेरा परिवार छोटा और सुखी परिवार है। मेरे परिवार में तीन लोग हैं -मैं, मेरी पत्नी और मेरा लड़का। मैं विजया बैंक में काम करता हूँ ।मेरा लड़का शंकरा विद्यालय में सातवीं कक्षा में पढ़ रहा है। मेरी पत्नी बी एस़ एऩ एल में काम करती है। मेरा कार्यालय अड्यार में है और मेरी पत्नी का बेसंट नगर में। हमारा घर तिरुवान्मियूर में है। मैं अपनी पत्नी को पहले उसके कार्यालय में छोड़कर फिर अपने कार्यालय जाता हूँ। मेरा लड़का हमेशा अपनी कक्षा में अव्वल आता है। भगवान की कृपा से हम संतुष्ट जीवन बिता रहे हैं।
मैं रोज़ छह बजे उठता हूँ। काफी पीने के बाद अंखबार पढ़ता हूँ । फिर थोड़ी देर कसरत करता हूँ। उसके बाद स्नान करके पूजा करता हूँ। आठ बजे नाश्ता करने के बाद दफ़तर के लिए निकलता हूँ।। दफ्तर में बहुत काम रहता है। उसे पॉच बजे तक खत्म करता हूँ ।फिर घर पहुंचता हूँ ।चाय पीने के बाद बच्चों की पढ़ाई में मदद करता हूँ। साढ़े आठ बजे दूरदर्शन समाचार सुनता हूँ। रात का खाना खाने के बाद दस बजे सोने चला जाता हूँ। यही मेरी दिनचर्या है।
मेरे गॉंव का नाम रामपुरम है। यह चेन्नै के पास है। यहॉं के लोग सीधे-सादे हैं तथा खेतीबाड़ी करते हैं। इस गॉंव में करीब 300 लोग रहते हैं। यहॉं प्राथमिक, माध्यमिक और हायर सेकन्डरी स्कूल हैं।गॉव में एक बहुत बड़ा शिव मंदिर भी है। बिजली,टेलीफोन और अन्य आधारभूत सुविधाएं हमारे गॉंव में उपलब्ध है। यहॉं प्रदूषण बिल्कुल नहीं है। हम सब शांति से रहते हैं।
मुम्बई की बारिश
मुम्बई एक सुंदर महानगर है। यहॉं ऊंची -ऊंची इमारतें, समुद्रतट तथा सुंदर पार्क भी हैं। मुंबई में जून से अगस्त माह तक खूब बारिश होती है। बारिश अधिक होने पर रेलवे लाइन पर पानी भर जाता है। बसें धीरे धीरे चलती हैं। खूब असुविधा होती है, फिर भी लोग इस मौसम का आनंद उठाते हैं।
बारिश के दिनों में लोग पिकनिक पर जाते हैं। हाजी अली , जुहू बीच, चौपाटी का समुद्रतट, महालक्ष्मी का मंदिर आदि पर्यटन स्थल हैं। समुद्रतट पर होनेवाले सूर्यास्त का दृश्य अद्भुत होता है। इसे देखने बहुत से लोग आते हैं।
GENERAL ESSAY
मेरा शहर
चेन्नै बहुत बड़ा और सुन्दर शहर है। यह तमिलनाडू प्रांत की राजधानी है। यहॉं अनेक मंदिर और कार्यालय हैं । मेरिना बीच यहाँ का सुंदर समुद्रतट है। चेन्नै की बस सेवा बहुत अच्छी है। चेन्नै सेंट्रल स्टेशन यहॉं का बड़ा स्टेशन है। यहॉं हवाई अड्डा तथा बहुत बड़ा बंदरगाह भी है। चेन्नै के आसपास महाबलीपुरम, कॉंचीपुरम आदि ऐतिहासिक स्थल हैं।
त्योहार - दीवाली / दीपावली
दीवाली हिंदुओं का मुख्य त्यौहार है। यह अक्टूबर या नवंबर के महीने में मनाई जाती है। इस दिन सभी लोग नए कपड़े पहनते हैं , आतिशबाजी करते हैं, एक दूसरे को मुबारकबाद देते हैं। सभी घरों में मिठाई बॉंटी जाती है। शाम को लक्ष्मी पूजन किया जाता है। व्यापारी लोग नए बही खाता खोलते हैं। उत्तर भारत के लोग दीप जलाकर इस त्योहार को मनाते हैं। उनका मानना है कि इसी दिन भगवान श्रीराम वनवास से लौटे थे।दीवाली खुशियों का त्योहार है।
मेरा कार्यालय
मैं बी एस़ एऩ एल में काम करता हूँ यहॉं लगभग 400 कर्मचारी काम करते हैं। मेरा कार्यालय काफी बड़ा, साफ़ और सुंदर है। कार्यालय के कर्मचारी मेहनती हैं। चेन्नै के हर क्षेत्र में मेरे कार्यालय की शाखाएं हैं। शहर के लोगों को संचार के माध्यम से एक दूसरे से जोड़ना हमारे कार्यालय का काम है। कार्यालय के कर्मचारियों के लिए एक पुस्तकालय, कैंटीन, डाकघर, भंडार, शिशुविहार आदि है। मुझे अंपना कार्यालय बहुत पसंद है।
मेरा परिवार
मेरा परिवार छोटा और सुखी परिवार है। मेरे परिवार में तीन लोग हैं -मैं, मेरी पत्नी और मेरा लड़का। मैं विजया बैंक में काम करता हूँ ।मेरा लड़का शंकरा विद्यालय में सातवीं कक्षा में पढ़ रहा है। मेरी पत्नी बी एस़ एऩ एल में काम करती है। मेरा कार्यालय अड्यार में है और मेरी पत्नी का बेसंट नगर में। हमारा घर तिरुवान्मियूर में है। मैं अपनी पत्नी को पहले उसके कार्यालय में छोड़कर फिर अपने कार्यालय जाता हूँ। मेरा लड़का हमेशा अपनी कक्षा में अव्वल आता है। भगवान की कृपा से हम संतुष्ट जीवन बिता रहे हैं।
मेरी दिनचर्या
मेरा गॉंव
मेरे गॉंव का नाम रामपुरम है। यह चेन्नै के पास है। यहॉं के लोग सीधे-सादे हैं तथा खेतीबाड़ी करते हैं। इस गॉंव में करीब 300 लोग रहते हैं। यहॉं प्राथमिक, माध्यमिक और हायर सेकन्डरी स्कूल हैं।गॉव में एक बहुत बड़ा शिव मंदिर भी है। बिजली,टेलीफोन और अन्य आधारभूत सुविधाएं हमारे गॉंव में उपलब्ध है। यहॉं प्रदूषण बिल्कुल नहीं है। हम सब शांति से रहते हैं।
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हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/06/2009 04:33:00 PM
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Oct 5, 2009
सिलीगुडी सम्मलेन में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अजय मलिक
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10/05/2009 07:56:00 PM
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Oct 3, 2009
देश का सबसे सुंदर समुद्र तट: राधा नगर बीच, हैवलोक आइलैंड, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह
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10/03/2009 05:50:00 PM
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स्वतंत्र फ़िल्म पत्रकार कंबाइन की पिकनिक
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10/03/2009 08:32:00 AM
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हिन्दी प्राध्यापक परिषद् की बैठक : 2003
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10/03/2009 08:30:00 AM
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फ़िल्म इंस्टिट्यूट, पुणे : एक और फोटो
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10/03/2009 08:27:00 AM
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मलयालम फ़िल्म अभिनेता ममूटी, अजय मलिक एवं श्री पी के नायर
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10/03/2009 08:24:00 AM
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भारतीय फ़िल्म एवं टी वी संस्थान : वर्ष १९९४ के फ़िल्म अप्रिसिएशन कोर्स के विद्यार्थी अपने शिक्षकों के साथ
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हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/03/2009 12:12:00 AM
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सुप्रसिद्ध फिल्मकार श्री मृणाल सेन से प्रमाणपत्र प्राप्त करते हुए अजय मलिक
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हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक (Hindi for All by Prathibha Malik)
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10/03/2009 12:04:00 AM
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Oct 1, 2009
पर्यायवाची, विलोम, समोच्चरित, एकार्थक लगने वाले शब्द आदि
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(भारतीय साहित्य संग्रह के सौजन्य से )
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